
Udit Raj on Mani shankar Aiyar : नई दिल्ली। कांग्रेस नेता उदित राज ने मणिशंकर अय्यर के उस बयान पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत के पास पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस है, लेकिन बातचीत की मेज पर बैठने की हिम्मत नहीं है। उदित राज ने कहा कि इस सवाल का जवाब मणिशंकर अय्यर से ही लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर जी से पूछिए। इस पर हम क्यों जवाब दें। हम कांग्रेस पार्टी से हैं। उनके सवाल पर उन्हीं से जवाब लीजिए।
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किए जाने के सवाल पर उदित राज ने कहा कि नोटिस जारी हुआ है और आगे सुनवाई भी होगी। उन्होंने दावा किया कि न्यायपालिका भी दबाव में है। उन्होंने दिल्ली दंगों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उस दौरान भाजपा और आरएसएस के लोगों की ओर से दिए गए हेट स्पीच पर पुलिस ने कार्रवाई की या न्यायपालिका ने कोई संज्ञान लिया। उदित राज ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए यह समझा जा सकता है कि न्यायपालिका भी दबाव में है। हालांकि उन्होंने कहा कि दो न्यायाधीशों ने लोकतंत्र के लिए खुलकर सामने आकर बड़ा काम किया है।
उदित राज ने कहा कि यह अच्छी बात है कि लोग अभी भी लोकतंत्र के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने न्यायमूर्ति भुइयां का हवाला देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का मतदान का अधिकार नहीं छीना जा सकता। उन्होंने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति नरीमन के कथित बयान का भी जिक्र किया और कहा कि उनके अनुसार बंगाल में 90 लाख मतदाताओं को चुनाव से वंचित रखा गया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर भी उदित राज ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने SIR के विरोध को भारत विरोधी तत्वों की साजिश का हिस्सा बताया था। उदित राज ने कहा कि एसआईआर का विरोध 'भारत को बचाने का प्रयास है। लोकतंत्र इसी से बचेगा।' उन्होंने कहा कि यदि लोकतंत्र नहीं रहेगा तो देश कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि इंसान की आजादी, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और उसका अस्तित्व अधिक महत्वपूर्ण है।