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Union Budget 2026: पहली बार रविवार को आएगा बजट, ये 5 घोषणाएं दूर कर सकती हैं आम आदमी की सबसे बड़ी परेशानी!

आज सुबह 11 बजे, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट 2026-27 पेश करेंगी, तो यह सिर्फ आंकड़ों का बही-खाता नहीं होगा, बल्कि 150 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों का खाका होगा। लगातार नौवीं बार बजट पेश कर रिकॉर्ड बनाती सीतारमण के लिए यह सबसे चुनौतीपूर्ण बजट साबित होगा, जिसमें आर्थिक स्थिरता, विकास और जन-कल्याण की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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Feb 01, 2026
देश के आम बजट में क्या खास। (प्रतीकात्मक फोटो: AI)

Union Budget 2026 आज घड़ी में जब सुबह के 11 बजेंगे और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में अपना 'बही-खाता' (बजट 2026-27) खोलेंगी, तो वह सिर्फ आंकड़े नहीं पढ़ रही होंगी, बल्कि 150 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों का खाका खींच रही होंगी। रेकॉर्ड लगातार नवीं बार बजट पेश कर रहीं वित्त मंत्री सीतारमण के लिए यह सबसे चुनौतीपूर्ण बजट होगा।

देश में एक तरफ ट्रंप के 50% टैरिफ से निर्यात पर संकट है वहीं दुनियाभर में भू-राजनीतिक उथल-पुथल से अनिश्चितता का माहौल है।

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इसके बावजूद नखलिस्तान बनी भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार की रफ्तार कायम रखने के उपाय और जनता को राहत पहुंचाने की बीच संतुलन कायम करना सीतामरण के लिए चुनौती होगा।

पीएम मोदी ने क्या दिए संकेत?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ताजा बयान से संकेत मिले हैं कि बजट में सुधार एक्सप्रेस जारी रहेगी। वहीं, संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए कड़े कदमों का भी इशारा किया गया है।

आर्थिक सर्वे में 'एक साथ स्पि्रंट और मैराथन दौड़' की जरूरत बताने से लगता है कि बजट में अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए तात्कालिक व दीर्घकालिक उपायों की घोषणा की जा सकती है।

पिछले बजट में आयकर सुधार और साल के बीच में जीएसटी सुधार के बाद इस बजट में कस्टम ढांचे में व्यापक सुधार की घोषणा की जा सकती है।

वहीं इस पर भी नजर रहेगी कि ट्रंप टैरिफ के दौर में निर्यातकों को राहत के लिए सरकार क्या कदम उठाती है। देश के इतिहास में पहली बार रविवार को बजट पेश होगा।

राज्यों के लिए भी अहम बजट

बजट में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पर अमल पेश करने से इस केंद्रीय बजट से राज्यों के बजटों पर भी बड़ा असर पड़ सकता है क्योंकि इसमें केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी का नए सिरे से बंटवारा किया जाएगा।

ये पांच घोषणाएं संभव

पति-पत्नी के ज्वाइंट टैक्सेशन का ऐलान- सरकार शादीशुदा लोगों को ज्वाइंट टैक्सेशन का विकल्प दे सकती है जिससे पति-पत्नी मिलकर एकसाथ आइटी रिटर्न भर सकेंगे। इस पर बुनियादी छूट सीमा को बढ़ाया जा सकता है। जैसे अभी अगर एक व्यक्ति को 3 लाख रुपए तक टैक्स छूट मिलती है, तो जॉइंट फाइलिंग में यह सीमा 6 लाख रुपए या ज्यादा हो सकती है। इससे मध्यवर्गीय परिवार को सीधा फायदा मिलेगा।

किसान सम्मान निधि- पीएम-किसान योजना की राशि 6 हजार से 9 हजार रुपए सालाना की जा सकती है।

कस्टम सुधार- बजट में कस्टम ढांचे में सुधार और निर्यात प्रोत्साहन के लिए बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं।

आयुष्मान भारत योजना- लाभार्थी की आयु सीमा 70 साल से घटाकर 65 साल की जा सकती है। सालाना 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की लिमिट बढ़ सकती है।

गर्ल्स हॉस्टल- देश के 808 जिलों में कम से कम एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान संभव

परंपरा से अलग- पार्ट-बी में होगा रोडमैप- सूत्रों के अनुसार परंपरा से अलग इस बार बजट भाषण के पार्ट-बी में कर प्रस्तावों के बजाय देश के आर्थिक दृष्टिकोण और सुधार एजेंडा की विस्तृत रूपरेखा पेश की जाएगी। इसमें नियमों का सरलीकरण, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना और घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने, कस्टम ढांचे में सुधार का रोडमैप हो सकता है।

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