Haryana के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शनिवार को अहम निर्देश जारी किया है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच विज ने कहा है कि प्रदेश में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के वो बच्चे जिन्हें कोरोना की वैक्सीन नहीं लगी होगी उन्हें स्कूल खुलने पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कोरोना वायरस का बढ़ते खतरे के बीच हरियाणा सरकार लगातार कड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के गृहमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि राज्य में 15 से 18 वर्ष वे सभी छात्र जिन्होंने वैक्सीन डोज नहीं ली है उन्हें स्कूल खोले जाने पर प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। इसको लेकर मंत्री विज ने बकायदा ट्वीट भी किया है। बता दें कि एक दिन पहले 14 जनवरी को राज्य के सभी जिलों में 'महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा' के तहत कोविड -19 प्रतिबंध लगा दिया था।
हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अपने ट्वीट में कहा- 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को फिर से खुलने पर स्कूलों में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। माता-पिता से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों को कोरोनावायरस से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टीका लगवाएं।
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26 जनवरी तक बंद हैं स्कूल
दरअसल हरियाणा में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत फिलहाल स्कूलों और कॉलेजों को प्रदेश सरकार ने 26 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया है।
हाल में शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने इसकी घोषणा की थी। छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। स्कूल-कॉलेज आगामी परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए पढ़ाई कराएंगे।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा था कि बच्चों को फिलहाल स्कूल बुलाकर कोई जोखिम नहीं उठा सकते। मार्च महीने में परीक्षाएं होनी हैं। इस बार आठवीं की बोर्ड परीक्षा होगी।
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प्रदेश में 15 लाख से ज्यादा बच्चे वैक्सीन के पात्र
बता दें कि हरियाणा में 15 से 18 वर्ष की आयु के बीच के 15 लाख से ज्यादा बच्चे कोरोना की वैक्सीन के लिए पात्र हैं। यही नहीं इस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण 3 जनवरी से शुरू हो चुका है। हालांकि प्रदेश में टीकाकरण की रफ्तार भी बेहतर है, लेकिन इसके बाद भी सरकार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चाहती है। यही वजह है कि जिन बच्चों ने टीकाकरण नहीं करवाया है उन्हें स्कूल प्रवेश से रोका जाएगा।