
तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद। ( फोटो : ANI )
TMC Crisis : तृणमूल कांग्रेस में बगावत का मामला गर्मा गया है। पार्टी में बढ़ते तनाव के बीच, पार्टी सांसद कीर्ति आजाद ने बुधवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ही असली पार्टी है। साथ ही बागी सांसदों के उस गुट को खारिज कर दिया और इसे राजनीतिक रूप से अवैध बताया। उन्होंने राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया ( NCPI) में विलय करने का फैसला किया है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए आजाद ने खेल और राजनीति की तुलना करते हुए कहा, 'आज हमारे सामने दो टीमें हैं: एक असली, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली दो फूलों वाली चुनाव चिह्न तृणमूल कांग्रेस, और दूसरी कलम की नोक वाले चुनाव चिह्न वाले दलबदलुओं का समूह, जिसे राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया कहा जाता है।'
टीएमसी नेता ने अपनी पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए हाल के चुनावों में अपनी पार्टी की ओर से प्राप्त वोट शेयर की ओर इशारा किया। आजाद ने कहा, 'टीएमसी ने तमाम मुश्किलों के बावजूद 2 करोड़ 60 लाख वोट (41%) हासिल किए, जबकि दलबदलुओं की टीम की कोई विश्वसनीयता नहीं है,ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ही असली पार्टी है।'
आजाद की यह टिप्पणी उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी सांसदों के समूह को ईमेल भेजकर औपचारिक बैठक का निमंत्रण दिया है। यह बैठक दोनों गुटों की बात सुनने की प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत कोई भी फैसला लेने से पहले बैठक की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, बिरला 20 बागी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसदों की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और दोनों गुटों की बात सुनने के बाद ही फैसला लेंगे।
उधर 14 जून को वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के नेतृत्व वाले बागी गुट ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अलग बैठने की व्यवस्था के लिए औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत किया था। एनसीपीआई में विलय करके, समूह का दावा है कि उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची का उल्लंघन किया है। दलबदल विरोधी कानून के तहत, किसी विधायक दल में विलय तभी मान्य होता है जब कम से कम दो-तिहाई सांसद दूसरे दल में शामिल हों। अपने खेमे में 20 सांसदों के साथ, बागी गुट का कहना है कि उन्होंने इस सीमा को आसानी से पार कर लिया है।
त्रिपुरा स्थित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया अचानक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गई है। अपनी सीमित संगठनात्मक उपस्थिति के बावजूद, पार्टी ने कई उच्च-स्तरीय नेताओं के आगमन का स्वागत किया है। राष्ट्रीय संगठन सचिव शांतनु डे ने कहा है कि वे पार्टी को आगे बढ़ते हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नजरिये के अनुरूप काम करते हुए देखने के लिए उत्सुक हैं। ( इनपुट : ANI)
Published on:
17 Jun 2026 12:24 pm
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