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शिक्षकों पर अंजना ओम कश्यप का मानहानि केस, दिल्ली HC ने वीडियो हटाने से किया इनकार, अब 2 जुलाई को होगी सुनवाई

Anjana Om Kashyap vs Khan Sir: खान सर और अंजना ओम कश्यप के बीच चल रहे मानहानि विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कुछ पक्षों का जवाब आना बाकी है, इसलिए अब मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।
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नई दिल्ली

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Harshita Saini

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Updated: 17 Jun 2026, 3:39 PM IST

Anjana Om Kashyap Defamation Case

अंजना कश्यप की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया से पोस्ट हटाने के लिए किया इनकार (Photo-X)

Anjana Om Kashyap Defamation Case: दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से दायर मानहानि मामले पर सुनवाई हुई। यह मामला खान सर और कुछ और लोगों के सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट हटाने को लेकर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।

हाईकोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान जस्टिस मधु जैन ने कहा कि मामले में कुछ लोगों की तरफ से अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है, इसलिए उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए और समय दिया जा रहा है। कोर्ट को बताया गया कि प्रतिवादी नंबर 1, 7, 10 और 11 की ओर से अभी जवाब नहीं आया है। इसी वजह से अदालत ने कोई फैसला नहीं सुनाया। इस मामले में अंजना ओम कश्यप ने खान सर के अलावा अभिनव शर्मा, बबीता त्यागी, अरविंद भदौरिया, मनीष यादव और एक्स के कुछ यूजर्स को भी घेरा है। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर किए गए कुछ वीडियो, पोस्ट और टिप्पणियों से उनकी इमेज को नुकसान पहुंचा है, इसलिए इन्हें हटाया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बहस

सुनवाई के दौरान अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से पेश वकील ने कहा कि मामले में तुरंत सुनवाई की जरूरत है, क्योंकि सोशल मीडिया पर उनके और उनके बच्चे के खिलाफ काफी आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। याचिका में दावा किया गया है कि कुछ लोगों ने उनके लिए बिकाऊ पत्रकार, चाटुकार, दलाल और फेक न्यूज की दुकान जैसे शब्दों का प्रयोग किया। वहीं दूसरी तरफ प्रतिवादियों के वकीलों ने कहा कि मामले में कोई ऐसी जल्दबाजी नहीं है, जिसके लिए तुरंत सुनवाई आवश्यक हो। साथ ही उनका कहना था कि अलग-अलग लोगों पर अलग-अलग आरोप हैं और इस मामले को जुलाई में हाईकोर्ट के खुलने के बाद सूचीबद्ध किया जा सकता है।

नीट डिबेट के बाद शुरू हुआ विवाद

यह विवाद नीट परीक्षा को लेकर हुई एक लाइव टीवी डिबेट के बाद शुरू हुआ। आरोप है कि बहस के दौरान अंजना ओम कश्यप ने कुछ ऑनलाइन शिक्षकों को "फ्रॉड" बताया था और कहा था कि वे सिर्फ व्यूज बटोरने के लिए काम करते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर काफी बहस छिड़ गई और कई लोगों ने उनकी टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रतिवादियों का कहना है कि उनकी तरफ से की गई टिप्पणियां अंजना कश्यप के बयानों के जवाब में थीं।