
UPI Transaction: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को स्पष्ट किया कि UPI पेमेंट पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा। वित्त मंत्री ने ANI से बातचीत में कहा कि उन्होंने संसद के सत्र के दौरान भी इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया था। उन्होंने विपक्षी दलों पर इस मुद्दे को लेकर गलतफहमियां फैलाने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
वित्त मंत्री ने कहा, "यह 2,000 रुपये से कम के ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होता है। यह न तो कोई टैक्स है और न ही कोई सेस है। यह पैसा भारत के कंसोलिडेटेड फंड में जमा नहीं होगा। यह सर्विस प्रोवाइडर द्वारा सिस्टम को बेहतर बनाने और बेहतर सेवाएं देने के लिए लगाया जाने वाला शुल्क है। इसके अलावा, यह ऑपरेटरों के बीच का शुल्क है। इसे ग्राहक पर नहीं डाला जाएगा और इसका बोझ ग्राहक पर नहीं पड़ेगा।"
सीतारमण ने आगे कहा, जब संसदीय सत्र के दौरान यह मुद्दा उठाया गया था, तब मैंने इसी बात पर स्पष्टीकरण दिया था। गलत जानकारी फैलाना, उस पर बहस को हवा देना और उस नैरेटिव का इस्तेमाल करके सरकार पर हमला करना विपक्ष की आदत बन गई है। यह गलत है। गलतफहमियां फैलाने और जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। जनता को सतर्क रहने की जरूरत है।
सरकार के अनुसार, लगभग 96 प्रतिशत P2M (Person-to-Merchant) ट्रांजैक्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। MDR का भुगतान पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल विभिन्न पक्षों, जैसे बैंकों और पेमेंट एप्लीकेशन प्रोवाइडर्स के बीच किया जाएगा।
सीतारमण ने इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान की गई मिमिक्री की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "विपक्ष के नेता का ऐसे लोगों के साथ खड़े होना और उन्हें बढ़ावा देना बहुत गलत है और विपक्ष के नेता के संवैधानिक पद का अनादर है। हालांकि, हमारे लोकतंत्र के लिए अभिव्यक्ति की आजादी जरूरी है, लेकिन इस तरह मजाक उड़ाना गलत है। विपक्ष के नेता को वहां मौजूद रहकर ऐसे व्यवहार को बढ़ावा नहीं देना चाहिए था।