
UPI Controversy: यूपीआई के मर्चेंड डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के UPI पर टैक्स लगाए जाने के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का संशोधित ढांचा छोटे कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह के अतिरिक्त शुल्क से बचाता है और भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को दुनिया के सबसे कम लागत वाले नेटवर्क में बनाए रखता है।
बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने MDR चार्ज से जुड़े नियामकीय प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य डिजिटल भुगतान के बुनियादी ढांचे को बनाए रखना है, न कि आम लोगों या छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ डालना।
उन्होंने कहा कि यह सरकार की ओर से लाई गई नई व्यवस्था है। इसमें छोटे कारोबारियों और उपभोक्ताओं को किसी भी तरह के शुल्क से बचाया गया है। केवल व्यक्ति और व्यापारी के बीच होने वाले कुछ लेनदेन पर मामूली शुल्क लगाया जाता है।
चंद्रशेखर ने UPI की वैश्विक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि UPI आज दुनिया के सबसे बड़े और कम लागत वाले डिजिटल भुगतान नेटवर्क में शामिल है और कई अंतर्राष्ट्रीय पेमेंट सिस्टम से काफी आगे है।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। बीजेपी नेता ने कहा कि पार्टी हमेशा नकारात्मक रवैया अपनाती है और अपने ही सांसदों की राय को नजरअंदाज करती है।
UPI के संशोधित MDR ढांचे को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष आमने-सामने है। केंद्र का कहना है कि नागरिकों के लिए डिजिटल पेमेंट पूरी तरह मुफ्त बना रहेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मर्चेंट से जुड़े किसी शुल्क को सीधे ग्राहक पर डालना गैरकानूनी और आपराधिक अपराध होगा।
वहीं, कांग्रेस ने इस बदलाव को विश्वासघात और UPI टैक्स बताया है। विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव के आगे झुककर विदेशी पेमेंट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता साफ किया है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव के आगे झुककर UPI पर टैक्स लगाया है।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर भारतीय पर टैक्स लगा दिया है और UPI के जरिए अमेरिका को बड़ी रकम दी जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अमेरिका के सामने झुकना बंद करने और कथित UPI टैक्स वापस लेने की मांग की।
केंद्र सरकार के मुताबिक, व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) सभी UPI लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे और ट्रांसफर की रकम चाहे जितनी हो, उस पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
इसके अलावा, 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट (P2M) भी मुफ्त रहेंगे। छोटे कारोबारियों के लिए जीरो-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले लेनदेन पर भी शुल्क नहीं लगेगा।