
US-India Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते होने वाला है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसआर) राजदूत जैमीसन ग्रीर ने इस डील के बारे में जानकारी दी है। जैमीसन ग्रीर ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते मजबूत संबंधों पर बात की है।
नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में बोलते हुए ग्रीर ने कहा कि भारत एआई और फ्यूचर टेक जैसे क्षेत्रों में अमेरिका के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक है। दोनों देशों के पास व्यापार और नवाचार के भविष्य को एक साथ आकार देने के महत्वपूर्ण अवसर हैं। ग्रीर ने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच आगे अच्छे अवसर मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार और प्रौद्योगिकी साझेदारी को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत हैं। द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के बारे में बात करते हुए ग्रीर ने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने वार्ता समाप्त होने की कोई समयसीमा नहीं बताई।
राजदूत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच घनिष्ठ संबंधों का जिक्र किया और कहा कि यह संबंध कई सालों रहेंगे। ग्रीर ने बताया कि दोनों नेताओं की मुलाकात फ्रांस के एविग्नन में हुई, जहां वे भारत-अमेरिका साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने पर सहमत हुए, जिससे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की उनकी साझा प्रतिबद्धता को बल मिला।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब नई दिल्ली और वाशिंगटन प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा जारी रखे हुए हैं, जिसमें दोनों पक्ष अधिक बाजार पहुंच, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला सहयोग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत विनिर्माण सहित महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में गहन भागीदारी की मांग कर रहे हैं।
एक बड़े अमेरिकी अधिकारी ने बताया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार (बिजनेस) को लेकर एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक समझौता होने वाला है। यह डील लगभग पक्की होने वाली है। भारत की 140 करोड़ (1.4 अरब) की भारी-भरकम आबादी वाला बाजार अमेरिकी सामानों के लिए खुल जाएगा। यानी अमेरिकी कंपनियों को भारत में अपना सामान बेचने का बड़ा मौका मिलेगा।