
Bilateral Meeting : अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपनी 4 दिवसीय अहम यात्रा पर भारत में हैं। शनिवार को उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रिश्तों को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक को लेकर व्यापार, सुरक्षा और महत्वपूर्ण अत्याधुनिक तकनीकों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अमेरिका ने भारत को अपना 'महत्वपूर्ण साझेदार' करार दिया है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को 'फलदायक' बताते हुए कहा कि दोनों देश एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में मिल कर आगे बढ़ रहे हैं।
रुबियो ने इससे पहले, 23 से 26 मई तक चलने वाली अपनी यात्रा की कोलकाता से शुरुआत की। ध्यान रहे कि 14 बरसों में किसी शीर्ष अमेरिकी राजनयिक का पूर्वी महानगर का यह पहला दौरा है। कोलकाता में उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी जाकर मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि रुबियो की यह यात्रा 'भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। रुबियो की इस यात्रा का मुख्य फोकस 26 मई को दिल्ली में होने वाली क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक, रक्षा साझेदारी और ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा।
'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। हमने सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अमेरिका-भारत सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर सार्थक चर्चा की - ये ऐसे क्षेत्र हैं जो हमारे दोनों देशों को मजबूत करते हैं और एक स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को आगे बढ़ाते हैं। भारत संयुक्त राज्य अमेरिका का एक महत्वपूर्ण भागीदार है! आज मिशनरीज ऑफ चैरिटी का दौरा करना मेरे लिए सम्मान की बात थी, ताकि मैं उनकी विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकूं और कैथोलिक आस्था के जीवंत उदाहरण को देख सकूं।'