
White House UFC Event: अमेरिका में व्हाइट हाउस में आयोजित होने वाले UFC शो को निशाना बनाकर कथित तौर पर बड़े आतंकी हमले की साजिश रची गई थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि आठ लोगों ने कई हफ्तों तक हथियार, विस्फोटक और ड्रोन समेत हमले में इस्तेमाल होने वाला सामान जुटाया था। योजना यह थी कि पहले विस्फोटकों से लदे ड्रोन से हमला किया जाए और उसके बाद मची भगदड़ के बीच स्नाइपर और अन्य हथियारों से लोगों पर गोलीबारी की जाए। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई कर इस कथित साजिश को नाकाम कर दिया।
ओहायो में दायर आरोप पत्र के मुताबिक, सभी आठ आरोपियों पर दो अलग-अलग साजिशों के आरोप लगाए गए हैं। पहला आरोप आतंकवादियों को जरूरी मदद प्राप्त कराने का है। दूसरा आरोप संघीय सरकार के अधिकार क्षेत्र में हत्या करने और संघीय अधिकारी की हत्या की साजिश रचने का है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और आगे और भी जानकारियां सामने आ सकती हैं।
जांच में सामने आया है कि इस कथित साजिश की शुरुआत मई महीने में हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान ग्रुप के मेंबर्स ने पैसे, हथियार, गोला-बारूद, बॉडी आर्मर, विस्फोटक, ड्रोन, मेडिकल किट, कम्युनिकेशन इक्विपमेंट और जरूरी सामान जुटाना शुरू कर दिया था। एजेंसियों का दावा है कि इन सभी चीजों का इस्तेमाल हमले को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
10 जून को एजेंसियों को सूचना मिली कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी वाले UFC केज-फाइटिंग शो पर संभावित हमला हो सकता है। यह अलर्ट कार्यक्रम से चार दिन पहले मिला था। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और जांच तेज कर दी गई, जिसके बाद कथित साजिश का खुलासा हुआ।
अमेरिकी न्याय विभाग ने पिछले महीने इस मामले में देश के अलग-अलग राज्यों के सात लोगों पर संघीय आरोप लगाए थे। इनमें ओहायो, मिसौरी, वाशिंगटन, नेब्रास्का और कैलिफोर्निया के निवासी शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, ग्रुप के मेंबर्स कई तरह के साजिशी सिद्धांतों पर विश्वास करते थे और उनका मानना था कि इस तरह के हमले से अमेरिकी सरकार को अस्थिर किया जा सकता है।
आरोपियों में से एक ने जांचकर्ताओं को बताया कि उनकी योजना विस्फोटकों से लदे ड्रोन कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने की थी। ड्रोन हमले के बाद जब वहां अफरा-तफरी और भगदड़ मचती, तब स्नाइपर और अन्य हथियारों से भाग रहे लोगों पर गोलीबारी की जाती। जांच एजेंसियों का दावा है कि मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को निशाना बनाना था।