युवक की हत्या के बाद सर्वोच्च अदालत से सिंघु बॉर्डर को खाली करवाने की मांग की गई है। इसको लेकर बकायदा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका स्वाती गोयल शर्मा और संजीव नेवर की तरफ से वकील शशांक शेखर झा ने दाखिल कर जल्द सुनवाई की मांग भी की है
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमा सिंघु बॉर्डर ( Singhu Border ) पर शुक्रवार को एक दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या ( Lakhbir Singh ) का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। दरअसल युवक की हत्या के बाद सर्वोच्च अदालत से सिंघु बॉर्डर को खाली करवाने की मांग की गई है।
इसको लेकर बकायदा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। बता दें कि पिछले करीब 10 महीने से केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और सिंघु बॉर्डर पर जमे हुए हैं।
सिंघु बॉर्डर के करीब किसान मंच के पास दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या के मामले में वकील शशांक शेखर झा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल (Plea Filed In Supreme Court) की है।
अपनी इस याचिका में झा ने सिंघु बॉर्डर को खाली करवाने और लंबित याचिका की जल्द सुनवाई की मांग की है।
जल्द सुनवाई की मांग
स्वाती गोयल शर्मा और संजीव नेवर की तरफ से वकील शशांक शेखर झा ने सर्वोच्च अदालत में याचिका दाखिल की है। उनकी याचिका सुप्रीम कोर्ट में मार्च, 2021 से लंबित है। कई कोशिशों के बाद अब भी मामले की सुनवाई नहीं हुई है।
लेकिन सिंघु बॉर्डर पर हुई हत्या के बाद एक बार फिर झा ने इस याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट का ध्यान खींचा है। उन्होंने सिंघु बॉर्डर पर दलित युवक की हत्या के बाद मामले की जल्द सुनवाई की मांग की है।
बेरहमी से हुई युवक की हत्या
बता दें कि लखबीर सिंह को सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के मंच के पास उल्टा लटकाया गया था। लखबीर का एक हाथ कटा हुआ था। इतनी बेरहमी से उसकी हत्या की गई कि जिसने देखा दहल उठा। हालांकि इस हत्या को निहंग की ओर से सफाई पेश की गई है।
सिंघु बॉर्डर पर हुई दलित युवक की बर्बर हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी सरबजीत को गिरफ्तार किया है। निहंग सरबजीत ने हत्या की जिम्मेदारी ली है। शनिवार को सरबजीत को भी कोर्ट में पेश किया जाना है।