
नई दिल्ली से वाराणसी के बीच देश में पहली वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत 15 फरवरी 2019 को की गई थी। तब से लेकर अब तक करीब 15 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जा चुकी है। पर एक सवाल यह हमेशा उठता है कि, वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव क्यों किया जाता है। लगभग सभी क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों को पथराव की घटना का सामना करना पड़ा है। ताजा घटना है कि, तिरुवनंतपुरम और कासरगोड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन आज एक बार फिर पथराव किया गया। छह दिन में यह दूसरी बार पथराव हुआ है। हाल ही में शुरू की गई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव किया गया। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सोमवार दोपहर कासरगोड से राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम के लिए सेवा में थी। रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार, घटना दोपहर करीब 3.30 बजे कन्नूर जिले के वालापट्टनम से गुजरते समय हुई। आरपीएफ और केरल पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
पिछली पत्थरबाजी 2 मई को हुई थी
पिछली पत्थरबाजी 2 मई को हुई थी जब कासरगोड से राज्य की राजधानी जाने वाली वंदे भारत ट्रेन मलप्पुरम जिले के तिरूर से गुजर रही थी। जिले में ट्रेन के लिए कोई स्टॉप नहीं होने से मलप्पुरम निवासी नाराज हैं। लेकिन कन्नूर जिले में हुई इस घटना ने कई लोगों को हैरान कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अप्रैल को राज्य की राजधानी से पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी।
पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर 2019 में हुआ पथराव
देश में मौजूदा वक्त 15 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चल रहीं हैं। सबसे पहले नई दिल्ली वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस पर फरवरी 2019 में उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में वाराणसी-लखनऊ रेल रूट पर पथराव किया गया था। कई कोच के शीशे तोड़ दिए गए थे। इससे पूर्व जब वंदे भारत ट्रेन का इस रूट पर ट्रायल किया जा रहा था, उस वक्त भी असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पथराव किया था। 15 दिसंबर 2022 को दुर्ग-भिलाई स्टेशन के बीच नागपुर-बिलासपुर रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया था। 30 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन परिचालन के तीसरे ही दिन पश्चिम बंगाल के मालदा में असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पथराव कर कोच के शीशे को तोड़ दिया। मालदा की घटना के दूसरे दिन बिहार के कटिहार में भी वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव करने की घटना सामने आई।