राष्ट्रीय

किसी मेरे मुस्लिम की मजार और मकबरे पर चादर, फूल पैसा और धूप तो चढ़ाएंगे, लेकिन वन्देमातरम् नहीं गाएंगे!

दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने वंदे मातरम को राष्ट्र की धड़कन और ऊर्जा बताया है। उन्होंने कहा कि यह नारा और गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों को बलिदान के लिए प्रेरित करता रहा है और आज भी सीमा पर खड़े सैनिकों के दिल में बसता है। वंदे […]

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Feb 12, 2026
VHP spokesperson Vinod Bansal 0
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल

दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने वंदे मातरम को राष्ट्र की धड़कन और ऊर्जा बताया है। उन्होंने कहा कि यह नारा और गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों को बलिदान के लिए प्रेरित करता रहा है और आज भी सीमा पर खड़े सैनिकों के दिल में बसता है।

वंदे मातरम: राष्ट्र की धड़कन

विनोद बंसल ने कहा, वंदे मातरम राष्ट्र की धड़कन है, राष्ट्र की ऊर्जा है। यह वह नारा और गीत है, जिसे गाकर लोग देश की आजादी के लिए सब कुछ कुर्बान कर देते थे। आज भी सीमा पर खड़ा सैनिक हमें सुरक्षित महसूस कराता है, क्योंकि उसके दिल में वंदे मातरम जिंदा है। वंदे मातरम कहकर वह सब कुछ समर्पित कर देता है। उनका यह बयान राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करता है। वंदे मातरम बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित है, जो आनंदमठ उपन्यास में शामिल है। यह गीत राष्ट्रीय गान की तरह महत्वपूर्ण है और स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक रहा है।

स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम ने लाखों भारतीयों को एकजुट किया। भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारी इससे प्रेरित हुए। कांग्रेस के कई अधिवेशनों में यह गीत गाया जाता था। हालांकि, कुछ विवाद भी रहे, लेकिन यह राष्ट्रवाद की प्रतीक बना रहा। बंसल का बयान याद दिलाता है कि यह गीत सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि बलिदान की भावना है। आज के युवाओं को इससे जुड़ना चाहिए, ताकि राष्ट्रप्रेम जीवित रहे।

आज के संदर्भ में प्रासंगिकता

बंसल ने जोर दिया कि वंदे मातरम आज भी प्रासंगिक है। सीमा पर सैनिकों के लिए यह प्रेरणा स्रोत है। वे दुश्मनों से लड़ते हुए इसे याद करते हैं। समाज में राष्ट्रभक्ति की कमी पर चिंता जताते हुए बंसल ने कहा कि ऐसे नारे हमें एकजुट रखते हैं। हाल के वर्षों में वंदे मातरम पर बहसें हुईं, लेकिन VHP जैसे संगठन इसे बढ़ावा देते रहे। यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में राष्ट्रवाद पर चर्चा तेज है।

VHP की भूमिका और आगे की दिशा

VHP लंबे समय से हिंदू संस्कृति और राष्ट्रवाद को बढ़ावा देता रहा है। बंसल के बयान से संगठन की प्रतिबद्धता जाहिर होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान युवाओं में देशभक्ति जगाते हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को हजारों व्यूज मिले हैं, और लोग सहमति जता रहे हैं। यह बयान राष्ट्र की एकता को मजबूत करने में योगदान देगा। वंदे मातरम को स्कूलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में अधिक प्रचारित करने की जरूरत है, ताकि नई पीढ़ी इसके महत्व को समझे।

Published on:
12 Feb 2026 04:27 pm