
Tiger Shroff Firing Case : मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग की घटना को लेकर महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने मुंबई में लगातार हो रही गोलीबारी की घटनाओं का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि जब नेता, अभिनेता और कारोबारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या हाल होगा?
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि मुंबई में कानून-व्यवस्था की स्थिति आज बड़ा मुद्दा बन गई है। उन्होंने सलमान खान और रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई गोलीबारी के साथ टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर गई और एक व्यवसायी पर भी गोलियां चलाई गईं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर नेता, अभिनेता और कारोबारी मुंबई में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले पर कांग्रेस विधायक असलम शेख ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार ने मुंबई पुलिस से सीखकर खुद में सुधार किया है। पहले मुंबई और महाराष्ट्र में ऐसी हरकत करने की हिम्मत नहीं कर सकता था, पुलिस तुरंत हिसाब बराबर कर देती थी। लेकिन इस सरकार के मंत्रियों ने एक तरह से पुलिस को निहत्था कर दिया। उन्होंने कहा कि मंत्रियों ने पुलिस की बंदूकों से गोलियां निकाल ली हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से मुंबई पुलिस आयुक्त से बात किए जाने को सही कदम बताया। असलम शेख ने कहा कि मुख्यमंत्री को पुलिस से कहना चाहिए कि वह पहले की तरह काम करे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस के साथ पूरी सरकार के साथ-साथ विपक्ष भी खड़ा रहेगा।
कांग्रेस विधायक असलम शेख ने चुनाव आयोग के साथ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के मुद्दे पर भी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि एक ही इमारत में 1.25 लाख लोगों को बुलाया जा रहा है।
असलम शेख ने कहा कि अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की ओर से पर्याप्त तैयारी नहीं की गई, जबकि इस प्रक्रिया के लिए एक महीने का समय मिला था। उन्होंने सवाल किया कि जब तैयारी पूरी नहीं थी, तो यह प्रक्रिया शुरू ही क्यों की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में मुंबई के सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के सामने इन कमियों को उठाकर उन्हें दूर करने की मांग करेगा।