VP Jagdeep Dhankhar Oath Ceromany: पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ के रूप में देश को 14वां उपराष्ट्रपति मिल गया है। आज उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। इस दौरान देश के सभी बड़े नेता राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे।
VP Jagdeep Dhankhar Oath Ceromany: किसान पुत्र के नाम से मशहूर जगदीप धनखड़ देश को 14वां उपराष्ट्रपति मिल गया है। आज उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। जगदीप धनखड़ के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ-साथ विपक्षी दलों के भी कई नेता मौजूद थे।
मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनू जिले के रहने वाले पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बीते दिनों संपन्न हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को बड़े अंतर से हराया था। उनकी जीत के बाद झुंझुनू सहित पूरे राजस्थान में जमकर जश्न मना था। आज जगदीप के शपथ ग्रहण के बाद फिर से राजस्थान में वही माहौल है।
राष्ट्रपति भवन में गुरुवार दोपहर 12:30 बजे 14वें उप राष्ट्रपति के रूप में जगदीप धनखड़ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण से पहले समारोह में पहुंचे सभी बड़े नेताओं से मिलकर जगदीप धनखड़ ने उनका अभिवादन किया।
शपथ ग्रहण से पहले जगदीप धनखड़ राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। धनखड़ ने राजघाट पर बापू को नमन करते और श्रद्धांजलि देते हुए अपनी तस्वीरों और वीडियो को ट्वीट कर लिखा, पूज्य बापू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राजघाट की निर्मल भव्यता में भारत की सेवा में हमेशा तत्पर रहने के लिए अपने आप को धन्य एवं प्रेरित महसूस किया।
जगदीप धनखड़ ने पूर्व उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू का स्थान लिया। मालूम हो कि वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त 2022 को समाप्त हो गया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने एनडीए उम्मीदवार के तौर पर विपक्षी दलों की संयुक्त उम्मीदवार मार्ग्रेट अल्वा को हरा कर उपराष्ट्रपति का चुनाव जीता है।
एक सफल वकील के रूप में अपनी पहचान बनाने के बाद सियासत में आने वाले जगदीप धन साल 1989 से लेकर 1991 तक झुंझुनू के सांसद रहे। उसके बाद साल 1993 से लेकर साल 1998 तक धनखड़ किशनगढ़ से विधायक रहे। इसके अलावा राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर के पूर्व अध्यक्ष भी रहे। और राजस्थान में जाट आरक्षण आंदोलन के प्रमुख प्रणेता भी रहे है।