Tamil Nadu New Govt: विजय के चुनावी वादों को लागू करने में तमिलनाडु के टैक्स राजस्व का करीब 50% खर्च हो सकता है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
Vijay Election Promises: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे एक्टर विजय प्रदेश के नए सीएम बन सकते हैं। TVK को बहुमत का आंकड़ा छूने के लिए महज 10 विधायकों की जरूरत है, जिसको लेकर रस्साकशी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने का फैसला किया है। कांग्रेस ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की है।
वहीं प्रदेश में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी की जीत में सबसे बड़ा अहम रोल उनका चुनावी घोषणापत्र को माना जा रहा है। इसी बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि विजय के चुनावी वादे राज्य की वित्तीय स्थिति पर भारी पड़ सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, विजय के वादों को लागू करने में राज्य के पिछले साल के कुल टैक्स राजस्व का करीब 50% खर्च हो सकता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि विजय के वादों को पूरा करने के लिए एक साल में करीब 1 लाख करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है, जबकि अगले पांच सालों में कुल 4.5 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान भी है।
इसको लेकर एक्सपर्ट की भी राय सामने आई है। उनका कहना है कि सिर्फ नकद सहायता योजनाओं पर ही हर साल 18 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। राज्य का राजकोषीय घाटा पहले ही तय सीमा के करीब है, जिससे नए खर्चों के लिए गुंजाइश कम बचती है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि खर्च लागू करने से पहले योजनाओं की समीक्षा जरूरी है। इसके अलावा सही लाभार्थियों की पहचान और ऑडिट जरूरी है।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सही तरीके से लागू की गई डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाएं लोगों की जिंदगी सुधार सकती हैं, लेकिन बिना आय बढ़ाए खर्च बढ़ाना भविष्य में आर्थिक जोखिम पैदा कर सकता है।
विधानसभा चुनाव से पहले विजय ने अपने घोषणापत्र में कई वादे किए, जिसमें महिलाओं के परिवार प्रमुखों को 2,500 रुपये प्रति माह, हर साल 6 मुफ्त LPG सिलेंडर, नवजातों के लिए सोने की अंगूठी, स्कूली बच्चों के लिए 15 हजार शिक्षा सहायता, बेरोजगार ग्रेजुएट्स को 4 हजार मासिक सहायता और स्टार्टअप और बिजनेस के लिए लाखों रुपये के लोन शामिल हैं।