राष्ट्रीय

कौन है विक्रम दोराईस्वामी? ब्रिटेन-अमेरिका के बाद चीन में मिली बड़ी अहम जिम्मेदारी

Indian diplomat: भारत ने विक्रम दोराईस्वामी को चीन में नया राजदूत नियुक्त किया। वरिष्ठ राजनयिक के रूप में उनका अनुभव भारत-चीन रिश्तों को मजबूती देगा।
2 min read
Mar 20, 2026
Vikram Doraiswami
Vikram Doraiswami (Photo - IANS)

Vikram Doraiswami: भारत की कूटनीति में अब एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। एक ऐसा राजनयिक, जिसने पत्रकारिता से करियर की शुरुआत की और फिर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया, अब चीन जैसे संवेदनशील पड़ोसी देश में भारत की कमान संभालने जा रहा है। दरअसल, भारत ने सीनियर डिप्लोमैट विक्रम दोराईस्वामी को चीन में अपना नया राजदूत नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब एलएसी पर लंबे समय तक चले तनाव के बाद भारत और चीन दोनों ही देशों के बीच संबंधों को सुधारने की कोशिशें जारी हैं। दोराईस्वामी अभी ब्रिटन में भारत के हाई कमिश्नर हैं

पिता की बांग्लादेश की आजादी में भूमिका

दोरईस्वामी का जन्म एक तमिल सैन्य परिवार में हुआ। उनके पिता भारतीय वायु सेना के अधिकारी थे, जिन्होंने बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में हिस्सा लिया था। बाद में दोरईस्वामी उसी बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर बने। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। यूपीएससी की तैयारी करते समय एक साल तक बिजनेस टुडे पत्रिका में पत्रकार भी रहे।

उज्बेकिस्तान, कोरिया, बांग्लादेश में पद संभाला

उन्होंने 1992 में भारतीय विदेश सेवा जॉइन की। वह हांगकांग और बीजिंग में भी काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने मंदारिन भाषा सीखी और चीन से जुड़े मामलों में अनुभव लिया। चार साल तक चीन में पोस्टेड रहे। वह उज्बेकिस्तान और दक्षिण कोरिया में भारत के राजदूत रह चुके हैं। इसके अलावा 2020 से 2022 के बीच बांग्लादेश में हाई कमिश्नर के रूप में अपनी सेवाएं दी। फिलहाल ब्रिटेन में हाई कमिश्नर हैं।

नीति और रणनीति में गहरी पकड़

दोरईस्वामी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निजी सचिव भी रहे हैं। ब्रिटेन में कार्यकाल के दौरान उन्होंने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से जुड़े मुद्दे को अंजाम तक पहुंचाया। चीन में उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब दोनों देशों में संबंध सामान्य हो रहे हैं। सीधी उड़ानें शुरू हो गई हैं, वीजा नियमों में ढील दी गई है। चीन से जुड़े मामलों पर उनकी पकड़ अच्छी है। वह राजदूत के रूप में प्रदीप रावत की जगह लेंगे।

कई भाषाओं के हैं जानकार

वह कई भाषाओं के जानकार भी हैं, जिनमें चीनी, फ्रेंच और कोरियन शामिल हैं। अपने पेशेवर काम के अलावा उनकी कई रुचियां हैं, जैसे पढ़ना, खेल, फिटनेस, ट्रैवलिंग और जैज म्यूजिक सुनना।

Updated on:
20 Mar 2026 07:35 am
Published on:
20 Mar 2026 07:35 am