नासिक के मेडिकल कॉलेज में एक महिला कर्मचारी का सिर लिफ्ट में फंसने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
महाराष्ट्र के नासिक में एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में सोमवार को एक गंभीर हादसा सामने आया, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां लिफ्ट में सिर फंसने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और अब उसका इलाज आईसीयू में चल रहा है। यह घटना अस्पताल के सर्जरी विभाग में काम करने वाली एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के साथ हुई है।
घटना उस समय हुई जब 50 वर्षीय ज्योति शिवाजी अहिरे सर्जरी विभाग में अपने काम के दौरान एक माल ले जाने वाली लिफ्ट के पास पहुंची। यह लिफ्ट आमतौर पर सर्जिकल उपकरण ले जाने के लिए उपयोग होती है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने लिफ्ट के अंदर झांकने की कोशिश की, तभी अचानक सिस्टम चालू हो गया और उनका सिर उसमें फंस गया। यह पूरी घटना वहां लगे CCTV कैमरा में कैद हो गई, जिसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि सिर फंसने पर महिला मदद के लिए चिल्लाने लगी जिसके बाद वहां मौजूद एक अन्य कर्मचारी ने तुरंत स्थिति को देखा और मदद के लिए अन्य लोगों को बुलाया।
अन्य कर्मचारी के बुलाने पर तुरंत कई लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन वह सब मिलकर भी महिला को तुरंत बाहर निकाल पाने में विफल रहे। लोग उन्हें निकालने की कोशिश करते रहे लेकिन इस दौरान महिला का सिर लिफ्ट में ही कई मिनटों तक फंसा रहा, जिससे उनकी हालत और गंभीर हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद महिला का सिर लिफ्ट से बाहर निकाला गया और उन्हें तुरंत अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें सिर और गर्दन में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
इस घटना ने अस्पताल के अंदर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि समय पर राहत नहीं मिल पाने से स्थिति और बिगड़ सकती थी। घटना के बाद महिला के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि यह कोई पारंपरिक यात्री लिफ्ट नहीं थी, बल्कि एक होइस्ट ट्रॉली थी, जिसका उपयोग सर्जिकल उपकरणों के ड्रम ले जाने के लिए किया जाता है। प्रशासन ने यह भी दावा किया कि सरकारी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर द्वारा जांच में किसी तकनीकी खराबी या मैकेनिकल फेल्योर का कोई प्रमाण नहीं मिला। उनके अनुसार, महिला ने सुरक्षा सीमा को पार कर ऑपरेशन गाइडलाइन का पालन नहीं किया, जिससे यह हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस और संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।