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नेता जी को नहीं मिला मैच का न्यौता, गुस्से में फाइनल के बीच ट्रैक्टर से पिच की तहस-नहस

महाराष्ट्र के जलगांव में क्रिकेट फाइनल के दौरान एक नाराज स्थानीय नेता ने ट्रैक्टर से पिच तोड़ दी। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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भारत

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Himadri Joshi

Apr 20, 2026

Local leader Wrecks Pitch

मैच के दौरान पिच पर ट्रैक्टर चलाता स्थानीय नेता (फोटो- Amitabh Chaudhary एक्स पोस्ट)

वायरल वीडियो और स्थानीय राजनीति का मेल एक बार फिर चर्चा में है। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। यहां एक स्थानीय नेता ने नाराज होकर ट्रैक्टर से क्रिकेट पिच को नुकसान पहुंचा दिया, जिससे मैच बीच में ही रद्द करना पड़ा। 12 अप्रैल को धारणगांव में आयोजित एमएलए ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच के दौरान यह घटना सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, धारणगांव नगर परिषद के अध्यक्ष इस बात से नाराज थे कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। इसी गुस्से में उन्होंने ट्रैक्टर लेकर सीधे मैदान में प्रवेश किया और पिच को बुरी तरह उखाड़ दिया।

ट्रैक्टर से पिच को बार-बार कुचला

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ट्रैक्टर से पिच को बार-बार कुचला गया, जिससे खेल के लिए मैदान पूरी तरह अनुपयोगी हो गया। इस घटना ने खिलाड़ियों, आयोजकों और दर्शकों को हैरान कर दिया। कई लोग इस हरकत को खेल भावना के खिलाफ बता रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, स्थिति अचानक बिगड़ गई और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

आसपास के गांवों से मैच देखने आए थे लोग

पिच के पूरी तरह खराब हो जाने के कारण मैच को तुरंत रद्द करना पड़ा। यह फाइनल मुकाबला था, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचे थे। ऐसे में इस घटना ने न केवल खेल को प्रभावित किया, बल्कि आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी घटना गुस्से में उठाया गया कदम था। एक अधिकारी ने बताया कि काउंसिल अध्यक्ष ने गुस्से में आकर यह कदम उठाया। हालांकि, इस दौरान किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों और दर्शकों में डर और नाराजगी जरूर देखने को मिली।

आयोजकों ने नहीं की कोई औपचारिक शिकायत

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालांकि, हैरानी की बात यह रही कि आयोजकों ने इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई। अधिकारियों का कहना है कि आयोजकों ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। इस फैसले ने भी कई सवाल खड़े किए हैं कि क्या प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई से बचा जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना की कड़ी आलोचना कर रहे हैं और जिम्मेदार व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।