28 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘सिद्धारमैया पद छोड़ने को है तैयार’, कर्नाटक के पूर्व मंत्री राजन्ना ने किया बड़ा खुलासा

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व संकट गहराता जा रहा है। इसी बीच पूर्व मंत्री राजन्ना ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा है कि सिद्धारमैया हाईकमान के निर्देश पर इस्तीफा देने को तैयार हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

Apr 28, 2026

Chief Minister Siddaramaiah and minister Rajanna

कर्नाटक सीएम और पूर्व मंत्री राजन्ना (फोटो- आईएएनएस)

कर्नाटक की राजनीति में पिछले कुछ समय से नेतृत्व को लेकर असमंजस बना हुआ है। कांग्रेस पार्टी के अंदर ही कई नेता बदलाव की मांग कर रहे हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। इसी बीच पूर्व मंत्री और विधायक के. एन. राजन्ना का बड़ा बयान सामने आया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पद छोड़ने के लिए तैयार हैं, अगर पार्टी हाईकमान विशेषकर राहुल गांधी ऐसा निर्देश देते हैं। यह बयान मौजूदा राजनीतिक हालात में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पार्टी के फैसले का सम्मान करेंगे सिद्धारमैया - राजन्ना

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राजन्ना ने कहा कि पार्टी के भीतर भ्रम की स्थिति बनी हुई है और इसे जल्द खत्म करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सिद्धारमैया इस मुद्दे पर खुले विचार रखते हैं और पार्टी के फैसले का सम्मान करेंगे। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह हाईकमान के निर्देशों का पालन करेंगे और संगठन के हित को प्राथमिकता देंगे। इस बयान से यह साफ होता है कि पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर गंभीर मंथन चल रहा है।

आने वाले समय में लिया जा सकता है बड़ा फैसला

राजन्ना ने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करेगा, जिसमें राहुल गांधी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, सत्ता स्थायी नहीं होती, जो इसे खोते हैं वे फिर हासिल कर सकते हैं। इस कथन के जरिए उन्होंने मुख्यमंत्री की सोच को दर्शाया है। उनका कहना है कि सिद्धारमैया ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी निर्णय को स्वीकार करेंगे और पार्टी के अनुशासन का पालन करेंगे। इससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस हाईकमान आने वाले समय में बड़ा फैसला ले सकता है।

दलित मुख्यमंत्री की मांग को दोहराया

राजन्ना ने दलित मुख्यमंत्री की मांग को भी दोहराया और कहा कि एएचआईएनडीए समुदाय पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कई नेता चाहते हैं कि सिद्धारमैया ही मुख्यमंत्री बने रहें, लेकिन साथ ही सामाजिक संतुलन की मांग भी उठ रही है। उन्होंने कहा कि अभी चुनाव में करीब दो साल बाकी हैं, इसलिए भविष्य की राजनीति को लेकर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि समय के साथ राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और पार्टी को सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए।