मुंबई समेत 29 निगमों में वोटिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। सुबह 7.30 बजे से मतदान शुरू हो गया है। BMC का चुनाव ठाकरे परिवार की साख का सवाल बन गया है। पढ़ें पूरी खबर...
महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में आज वोट डाले जा रहे हैं। सुबह 7.30 बजे से मतदान शुरू हो गया है। मतदान शाम 5.30 बजे तक चलेगा। शुक्रवार को नगर निगम चुनावों का रिजल्ट आएगा। सबसे दिलचस्प मुकाबला मुंबई में हैं। यहां BMC की 227 सीटों पर महायुति और शिवसेना (उद्धव) और मनसे के बीच सियासी टक्कर है। यहां बहुमत का आकंड़ा 114 है।
वहीं पोलिंग बूथों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ नजर आ रही है। RSS चीफ मोहन भागवत और बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने सुबह ही वोट डाला। दोनों ने जनता से वोट डालने की अपील की। मुंबई की 227 सीटों में बीजेपी 137 सीटों पर लड़ रही है वहीं शिंदे की शिवसेना ने 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।
जबकि, शिवसेना (उबाठा) ने मनसे के साथ गठजोड़ किया है। उद्धव की पार्टी 63 सीटों पर लड़ेगी। वहीं, राज ठाकरे की पार्टी 52 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। निकाय चुनाव में कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) से गठबंधन किया है। कांग्रेस 143 सीटों पर लड़ रही है वहीं वीबीए को 46 सीट दी गईं हैं। एनसीपी ने किसी के साथ हाथ नहीं मिलाया। अजित गुट वाली ये पार्टी 94 सीटों पर चुनावी मैदान में है।
BMC का चुनाव ठाकरे परिवार के लिए साख की लड़ाई बन गई है। साल 1996 से 2017 तक BMC पर उनका एकक्षत्र राज रहा है। शिवसेना के विभाजन के बाद यह पहला मौका है, जब पार्टी एकनाथ शिंदे के पास है, जबकि परिवार उद्धव ठाकरे के साथ है। ऐसे में यह चुनाव तय करेगा कि मुंबई की जनता एकनाथ शिंदे की शिवसेना को आने वाले दिनों में स्वीकार करती है या फिर ठाकरे परिवार के साथ जनता खड़ी है। दूसरी तरफ बीजेपी के लिए भी यह चुनाव ऐतिहासिक है। यदि पार्टी पहली बार अपने दम पर BMC चुनाव जीतती है तो यह सीएम देवेंद्र फडणवीस के लिए भी बड़ी राजनीतिक सफलता मानी जाएगी।
बाल ठाकरे ने साल 1966 में शिवसेना की शुरुआत की थी। साल 1968 के BMC चुनाव में पार्टी को 140 में 42 सीटों पर जीत हासिल हुई। इसके बाद से पार्टी मुंबई में लगातार मजबूत होती गई। 2006 में जब राज ठाकरे अलग हुए तब भी शिवसेना को ज्यादा असर नहीं हुआ। 2017 में हुए आखिरी बीएमसी चुनाव में भी शिवसेना ने 84 सीटें जीतकर मेयर पद अपने पास रखा।