
BJP Hits Back At Chidambaram: वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने दावा किया कि 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार था, लेकिन वैश्विक समुदाय के दबाव के बाद उसने ऐसा नहीं करने का फैसला किया। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार उस समय सत्ता में थी जब मुंबई में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन द्वारा किए गए सबसे भीषण आतंकी हमलों में से एक हुआ था।
पूर्व वित्त मंत्री ने एक साक्षात्कार में बताया कि मेरे कार्यभार संभालने के दो-तीन दिन बाद, कोंडोलीजा राइस मुझसे और प्रधानमंत्री से मिलने आईं और कहा कि कृपया कोई प्रतिक्रिया नहीं दें। मैंने कहा कि यह एक ऐसा फैसला है जो सरकार लेगी। लेकिन मेरे मन में बदले की कार्रवाई का ख्याल आया। चिदंबरम ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 26/11 के मुंबई हमलों के दौरान भी जवाबी कार्रवाई की बात की थी। हालांकि, विदेश मंत्रालय और राजनयिकों ने यूपीए सरकार को स्थिति पर प्रतिक्रिया नहीं करने की सलाह दी थी।
आपको बता दें कि 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले में चार दिनों में कम से कम 160 लोग मारे गए थे। यह हमला चार दिनों तक चला तथा दस आतंकवादियों ने शहर में समन्वित हमले किए।
भाजपा अक्सर पाकिस्तान और आतंकवाद के प्रति कांग्रेस के नरम रुख को लेकर उसे दोषी ठहराती रही है। चिदंबरम के ताजा दावों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस पर स्थिति को ठीक से नहीं संभाल पाने का तंज कसते हुए कहा कि बहुत देर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 17 साल बाद, पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम ने वही स्वीकार किया जो देश जानता था 26/11 को विदेशी ताकतों के दबाव के कारण ठीक से नहीं संभाला गया था। बहुत कम, बहुत देर हो चुकी है।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा और उसे 'भारत विरोधी' करार दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह साफ है कि सोनिया गांधी नहीं चाहती थीं कि 26/11 के आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान पर हमला करे। बटला हाउस से लेकर 26/11, ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन तिलक तक, गांधी वाड्रा परिवार भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक रहा है।