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15 साल बाद पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में बड़ा फैसला, पूर्व थानेदार समेत 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद

Custodial Death Maharashtra: महाराष्ट्र के वाशिम में 15 साल पुराने पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में जिला अदालत ने पूर्व थानेदार समेत 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। बेग्या पवार की हिरासत में मौत के बाद सीआईडी जांच और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आया बड़ा फैसला।
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Jul 02, 2026
Maharashtra News
फोटो(सोशल मीडिया)

Custodial Death Maharashtra News: महाराष्ट्र के वाशिम जिले की अदालत ने करीब 15 साल पुराने पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तत्कालीन रिसोड़ पुलिस स्टेशन के पूर्व थानेदार सहित 9 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला पारधी समाज के बेग्या पवार की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़ा है, जिसने उस समय राज्यभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया था।

पूछताछ के नाम पर घर से ले गई थी पुलिस

यह मामला 10 मई 2011 का है, जब रिसोड़ पुलिस स्टेशन की टीम रात करीब 3 बजे पारधी समाज से जुड़े बेग्या पवार को उसके घर से पूछताछ के लिए ले गई थी। पुलिस का दावा था कि उसे केवल पूछताछ के लिए थाने लाया जा रहा है। हालांकि, आरोप है कि पुलिस स्टेशन में बेग्या पवार की बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके चलते उसकी कस्टडी में ही मौत हो गई। बताया गया कि बेग्या पवार के खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। उसकी शादी भी घटना से करीब एक साल पहले ही हुई थी।

शिकायत दर्ज कराने पहुंचे माता-पिता, नहीं सुनी गई बात

बेटे की मौत के बाद उसके बुजुर्ग माता-पिता न्याय की मांग लेकर रिसोड़ पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने मामले की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन जिस तत्कालीन थानेदार का नाम शिकायत में शामिल था, उसी ने केस दर्ज करने से इनकार कर दिया।
बेग्या पवार पारधी समाज से संबंध रखते थे। घटना के बाद समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन और मोर्चे निकाले, जिसके बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया।

पोस्टमार्टम में सामने आई थी गंभीर चोटों की बात

मेडिकल जांच में बेग्या पवार के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले। रिपोर्ट के अनुसार, उसके शरीर की कई हड्डियां टूटी हुई थीं, जिससे पुलिस हिरासत में मारपीट के आरोप और मजबूत हुए।

CID जांच में पेश हुई मजबूत चार्जशीट

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीआईडी अधिकारी अनवर शेख को सौंपी गई। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की। जांच में पुलिस स्टेशन के भीतर हुई कथित मारपीट और घटनाक्रम का विस्तार से जिक्र किया गया।

अदालत ने पूर्व थानेदार समेत 9 पुलिसकर्मियों को ठहराया दोषी

करीब 15 साल तक चली सुनवाई के बाद वाशिम जिला एवं सत्र अदालत के जस्टिस झपाटे ने फैसला सुनाया। अदालत ने तत्कालीन रिसोड़ पुलिस स्टेशन के थानेदार महादेव माणिक धांडे और आठ अन्य पुलिसकर्मियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

दोषी ठहराए गए नौ पुलिसकर्मियों में पूर्व थानेदार समेत दो पुलिसकर्मी अब रिटायर हो चुके हैं। फैसले के बाद सभी दोषियों को वाशिम जेल भेज दिया गया है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें अमरावती सेंट्रल जेल ट्रांसफर किया जाएगा।

Updated on:
02 Jul 2026 08:24 pm
Published on:
02 Jul 2026 07:31 pm