
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (फाइल फोटो: IANS)
Petrol Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें पश्चिम एशिया संघर्ष से पहले के स्तर पर लौट आई हैं। ऐसे में भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की अटकलें तेज हो गई हैं। इस पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें कुछ समय तक इसी स्तर पर बनी रहती हैं तो सरकार और तेल कंपनियां स्थिति की समीक्षा करेंगी। फिलहाल तेल कंपनियां उस कच्चे तेल को प्रोसेस कर रही हैं जिसे पश्चिम एशिया संकट के दौरान ऊंची कीमत पर खरीदा गया था।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें पिछले कुछ हफ्तों में तेजी से नीचे आई हैं और अब यह लगभग उसी स्तर पर पहुंच गई हैं जो पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने से पहले था। संघर्ष के दौरान कच्चा तेल करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था लेकिन अब यह करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
सरकार और तेल कंपनियों के अनुसार, पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर निर्भर नहीं करते। इसका कारण यह है कि देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पहले से खरीदे गए कच्चे तेल को रिफाइन कर रही हैं।
पेट्रोलियम मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जो कच्चा तेल इस्तेमाल हो रहा है वह उस समय खरीदा गया था जब वैश्विक कीमतें काफी अधिक थीं। इसी वजह से खुदरा बाजार में कीमतों में तुरंत बदलाव नहीं दिख रहा है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी स्तर पर स्थिर रहती हैं तो आगे जाकर समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर निर्णय लिया जाएगा।
पुरी ने यह भी कहा कि पिछले संकट के दौरान सरकार ने ईंधन आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी और देश में किसी भी तरह की कमी या लंबी कतारों की स्थिति नहीं बनी।
सरकार के अनुसार, तेल कंपनियों को पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लागत से कम कीमत पर बेचने के कारण करीब 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
Updated on:
02 Jul 2026 06:55 pm
Published on:
02 Jul 2026 06:12 pm
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