
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे(फोटो-IANS)
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए दुनिया भर से नेता पहुंच रहे हैं। ईरान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और सलमान खुर्शीद को भी इस कार्यक्रम में बुलाया है।
अब यह स्पष्ट हो गया है कि खरगे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस की ओर से सिर्फ सलमान खुर्शीद ही ईरान जाने वाले हैं। खुर्शीद ने खुद इस बात की पुष्टि की है।
खुर्शीद ने साफ कहा कि वे कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हुए ईरान जाएंगे। बता दें कि कुछ दिन पहले ही तेहरान की ओर से निमंत्रण आया था।
भारत और ईरान के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध रहे हैं। चाबहार बंदरगाह, तेल आयात और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देश एक-दूसरे के करीब रहे हैं।
ऐसे में कांग्रेस का यह कदम सिर्फ शोक व्यक्त करने तक सीमित नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। उधर, ईरान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस कार्यक्रम के लिए न्योता भेजा था, लेकिन वह भी इसमें शामिल नहीं होंगे।
खबर है कि इस कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा करेंगे। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के एक बड़े हमले में खामेनेई मारे गए थे। मार्च में उनके बेटे, मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया था।
खामेनेई ईरान के सबसे प्रभावशाली नेता थे। उनके नेतृत्व में ईरान ने क्षेत्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभाई। उनके निधन के बाद ईरान में नई चुनौतियां आएंगी। कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि अंतिम यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई को तेहरान में शुरू होगा। 4-5 जुलाई को तेहरान में इमाम खुमैनी के मोसाल्ला प्रार्थना हॉल में विदाई समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिसके बाद 6 जुलाई को तेहरान में अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा। 7 जुलाई को ईरान के कोम शहर में एक और अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा।
तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार समारोह 9 जुलाई को मशहद में होगा, जिसके बाद इमाम रजा के पवित्र तीर्थ स्थल पर उन्हें दफनाया जाएगा।
Updated on:
02 Jul 2026 06:01 pm
Published on:
02 Jul 2026 05:50 pm
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