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मौसम फिर बदलेगा रंग: 3, 4 और 5 फरवरी को बारिश–बर्फबारी की दस्तक, इन राज्यों में छाएगा घना कोहरा

Weather Update: उत्तर प्रदेश और दक्षिणी राजस्थान में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। 3 से 5 फरवरी तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घना कोहरा जारी रहेगा।

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Feb 02, 2026
3 से 5 फरवरी तक जानिए मौसम का हाल : उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर से थोड़ी राहत (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड)

Weather Update: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रविवार को उत्तर भारत के हिमालयी रेंज में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में काफी जगहों पर बारिश व बर्फबारी दर्ज की गई। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी-दक्षिणी राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हुई और राजस्थान के कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। उत्तराखंड में 30 से 50 किमी प्रति घंटा की गति से गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चली। पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में घना कोहरा छाया रहा। जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

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3 से 5 फरवरी तक दो नए विक्षोभ करेंगे प्रभावित

आइएमडी (India Meteorological Department – IMD) के अनुसार, 31 जनवरी की रात पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद अब दो नए पश्चिमी विक्षोभ 3 फरवरी और 5 फरवरी को सक्रिय होने की संभावना है। इससे आगामी दिनों में हिमालय रेंज में मध्यम स्तर की बर्फबारी एवं उत्तर-पश्चिम व मध्य भारत के मैदानों में छिटपुट बारिश की संभावना रहेगी। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दक्षिणी राजस्थान में गरज-बिजली और तेज हवाओं का प्रभाव रहेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दक्षिणी राजस्थान में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। 3 से 5 फरवरी तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घना कोहरा जारी रहेगा।

पूरे माह कमजोर ठंड और सूखा मौसम

आइएमडी (India Meteorological Department – IMD) ने फरवरी पूरे महीने में देशव्यापी वर्षा सामान्य से कम (81 प्रतिशत) और तापमान ऊपर रहने की चेतावनी दी है। जिससे रबी फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है। आइएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान औसत से ऊपर रहेंगे, जबकि ठंडी लहरों के दिन सामान्य से कम होंगे। उत्तर-पश्चिमी गेहूं उत्पादक क्षेत्र पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में लंबी अवधि के औसत से 78 प्रतिशत से कम वर्षा होने की संभावना है। किसानों को मौसम के प्रभाव से सतर्क रहने और फसलों की संतुलित सिंचाई बढ़ाने की सलाह दी गई है।

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