TMC Office Demolished Bulldozer Kolkata: टीएमसी ने बालीगंज और सियालदह सहित तीन स्थानों पर विध्वंस अभियान के खिलाफ 21 मई को विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
West Bengal TMC Protest May 21: विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद अब पश्चिम बंगाल में राजनीति घमासान मचा हुआ है। चुनावी नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस के दफ्तार पर बुलडोजर चलने पार्टी में काफी नाराजगी है। टीएमसी ने बालीगंज और सियालदह सहित तीन स्थानों पर विध्वंस अभियान के खिलाफ 21 मई को विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
टीएमसी विधायकों की पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी के साथ हुई बैठक के बाद, पार्टी नेता कुणाल घोष ने कहा कि बल्लीगंज और सियालदह सहित तीन स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। कुणाल घोष ने कहा कि राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा के विरोध में टीएमसी 21 मई को बल्लीगंज और सियालदह सहित तीन स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करेगी।
फाल्टा से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के नाम वापस लेने पर घोष ने कहा कि यह उनका निजी निर्णय था और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पार्टी से चर्चा किए बिना ही अपने फैसले की घोषणा कर दी। टीएमसी विधायकों और ममता बनर्जी के बीच हुई बैठक के बारे में बात करते हुए मदन मित्रा ने कहा कि विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों की स्थिति पर चर्चा हुई। उन्होंने जहांगीर खान द्वारा पार्टी छोड़ने को व्यक्तिगत निर्णय बताया।
इससे पहले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी राजा ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान बुलडोजर के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अपनी शक्ति का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारों को संविधान के अनुसार कार्य करना चाहिए और संवैधानिक नैतिकता को बनाए रखना चाहिए।
डी राजा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बंगाल में कई घटनाएँ घट रही हैं। हमने देखा कि चुनाव के बाद हिंसा कैसे हुई। अब हमने देखा कि बुलडोजर का इस्तेमाल कैसे किया गया। अब चुनाव खत्म हो गए हैं। चाहे हमें पसंद हो या न हो, जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। उसी के अनुसार सरकार को काम करना होगा। लेकिन भाजपा को अपनी शक्ति का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। बंगाल में भाजपा सरकार जो भी करे, वह संविधान के अनुरूप होनी चाहिए और संवैधानिक नैतिकता का पालन करना चाहिए।