राष्ट्रीय

West Bengal Assembly Elections: उत्तरपाड़ा विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला, मीनाक्षी मुखर्जी की एंट्री से क्यों बढ़ी TMC और BJP की टेंशन

West Bengal Assembly Elections 2026: 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग होनी है। उत्तरपाड़ा विधानसभा सीट पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि इस सीट से भाजपा-टीएमसी और सीपीआईएम के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी!

2 min read
Apr 26, 2026
फोटो में सीपीआईएम प्रत्याशी मीनाक्षी मुखर्जी और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी (सोर्स: एक्स सीपीआईएम बंगाल)

Uttarpara Assembly Latest Updates: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का माहौल गरम है… 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग से पहले सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। इस बार सबकी नजरें उत्तरपाड़ा विधानसभा सीट पर टिकी हैं, जहां मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का माना जा रहा है।

भाजपा, टीएमसी और सीपीआईएम के बीच सीधी टक्कर ने इस सीट को हॉट सीट बना दिया है। खास बात यह है कि वामपंथ की ओर से मीनाक्षी मुखर्जी की एंट्री ने मुकाबले को और रोमांचक बना दिया है। छात्र राजनीति से निकलकर मुख्यधारा में आईं मीनाक्षी को युवा चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है, जो कद्दावर उम्मीदवारों को चुनौती दे सकती हैं। ऐसे में सवाल यही है कि क्या इस बार उत्तरपाड़ा में सियासी हवा बदलेगी या फिर पुराने समीकरण ही कायम रहेंगे? यह देखना दिलचस्प होगा…

ये भी पढ़ें

बंगाल चुनाव से पहले अफसरों के ट्रांसफर पर रोक नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की खारिज

कौन हैं मीनाक्षी मुखर्जी?

मीनाक्षी मुखर्जी इस बार 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उत्तरपाड़ा विधानसभा सीट से मैदान में हैं और उन्हें वामपंथ की नई, तेज आवाज माना जा रहा है।

बता दें उनकी राजनीति की शुरुआत छात्र संगठन ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ से हुई, जहां उन्होंने छात्रों के अधिकार, शिक्षा और कैंपस के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद 2008 में वह डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़ीं और तेजी से संगठन में आगे बढ़ीं।

मीनाक्षी ने 2018 में ‘डीवाईएफआई’ की पश्चिम बंगाल अध्यक्ष बनकर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई और उसी साल सीपीआईएम की राज्य समिति में भी शामिल हुईं। मीनाक्षी सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि सड़कों पर आंदोलन की पहचान भी बनीं। 2021 के चर्चित नबन्ना अभियान में उन्होंने नौकरियों की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे उनकी पहचान और मजबूत हुई।

इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा और टीएमसी उम्मीदवारों से है, जिससे यहां त्रिकोणीय मुकाबला बन गया है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या मीनाक्षी अपनी युवा छवि और आंदोलनकारी अंदाज के दम पर उत्तरपाड़ा की राजनीति में नया बदलाव ला पाती हैं।

उत्तरपाड़ा विधानसभा सीट से कुल सात उम्मीदवार चुनावी मैदान में

बता दें इस बार उत्तरपाड़ा विधानसभा सीट से कुल सात उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इनमें सिरसान्या बंदोपाध्याय (TMC), दीपांजन चक्रवर्ती (BJP), सुब्रत मुखोपाध्याय (INC), मीनाक्षी मुखर्जी (CPIM)
, तपन चौधरी (SUCIC), सुमन पॉल (IND), सुभरंजन शिकारी (IND)

वहीं 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में, उत्तरपाड़ा विधानसभा सीट से कुल पांच उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिनमें शामिल थे- कंचन मलिक (TMC), प्रबीर कुमार घोषाल (BJP), रजत बनर्जी (बप्पा) (CPIM), सौरव रॉय (CPIMLL), और रंजन मुखर्जी (IND)।

ये भी पढ़ें

बंगाल इलेक्शन से पहले चुनाव आयोग ने दिया बड़ा अपडेट, शुरू की 24×7 हेल्पलाइन सेवा
Also Read
View All