BJP Bengal Victory: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद राइटर्स बिल्डिंग एक बार फिर चर्चा में है। नई सरकार के नबन्ना की जगह ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग से काम करने की अटकलें तेज हो गई हैं। वहीं ममता बनर्जी से जुड़ा पुराना विवाद भी फिर सुर्खियों में आ गया है।
Bengal New Govt: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है। बीजेपी ने 207 सीटों पर कब्जा किया है। इसके बाद प्रदेश में नई सरकार बनाने की भी तैयारी तेज हो गई है। इसी के साथ अब कोलकाता की ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग एक बार फिर चर्चाओं में आ गई है। राजनीतिक गलियारों में इस ऐतिहासिक इमारत को दोबारा राज्य सचिवालय के रूप में इस्तेमाल किए जाने की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी सरकार के मुख्यालय को नबन्ना से हटाकर राइटर्स बिल्डिंग में ले जाने की योजना बना रही है। बताया जा रहा है कि इसको लेकर दिल्ली में आलाकमान को भी जानकारी दे दी है।
आजादी के बाद पश्चिम बंगाल सरकार का राइटर्स बिल्डिंग में मुख्यालय बना रहा। यह करीब 250 साल पुरानी इमारत है। ममता बनर्जी ने बंगाल की पहली बार सीएम बनने के बाद 2011 में यहीं शपथ ली थी। हालांकि बाद में उन्होंने हावड़ा के नबन्ना शिफ्ट करने का फैसला लिया।
उस समय TMC सरकार ने तर्क दिया था कि राइटर्स बिल्डिंग काफी पुरानी हो चुकी है और वहां बड़े पैमाने पर मरम्मत तथा आधुनिकीकरण की जरूरत है। इसके बाद से इमारत में रेनोवेशन और संरचनात्मक सुधार का काम चरणबद्ध तरीके से चलता रहा। हालांकि इतने वर्षों बाद भी यह भवन पूरी तरह सक्रिय प्रशासनिक केंद्र के रूप में वापसी नहीं कर पाया।
अब विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं के बीच राइटर्स बिल्डिंग को लेकर नई अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार बनने पर कुछ प्रमुख विभागों को फिर से इसी भवन में स्थानांतरित करने पर विचार किया जा सकता है।
इसको लेकर बीजेपी का कहना है कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद नया मुख्यमंत्री नबन्ना की जगह फिर से रॉइटर्स बिल्डिंग से काम काम करेगा।
ममता बनर्जी एक मूक बधिर बलात्कार पीड़िता के साथ ममता बनर्जी राइटर्स बिल्डिंग जाकर तत्कालीन सीएम ज्योति बसु से मुलाकात के लिए उनके चेंबर के दरवाजे के सामने धरने पर बैठ गई। इस दौरान बसु ने ममता से मुलाकात नहीं की।
जब बसु का आने का समय होने के बाद भी ममता बनर्जी वहां से तस से मस नहीं हुई। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने पीड़िता और ममता बनर्जी को घसीटते हुए सीढ़ियों से नीचे उतारा और पुलिस मुख्यालय लाल बाजार ले गए। बताया जाता है कि इस दौरान ममता बनर्जी के कपड़े भी फट गए थे।