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Child Marriage: पश्चिम बंगाल में बाल विवाह पर बड़ी कार्रवाई, घर-घर सर्वे, शादी कराने वालों को जेल और सरकारी लाभ भी होंगे बंद

Action on Child Marriage: पश्चिम बंगाल में बाल विवाह के खिलाफ सरकार ने बड़े अभियान का ऐलान किया है। घर-घर सर्वे कर नाबालिग शादी और गर्भावस्था के मामलों की पहचान की जाएगी। दोषियों पर Child Marriage Act और POCSO के तहत कार्रवाई, गिरफ्तारी और सरकारी सुविधाएं वापस लेने की चेतावनी दी गई है।
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West Bengal Child Marriage
शुभेंदु अधिकारी (फोटो-ANI)

Suvendu Adhikari Action: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में हो रहे बाल विवाह को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। इसके तहत कम उम्र में शादी की पहचान के लिए घर-घर जाकर सर्वे करना, बाल विवाह में शामिल लोगों को गिरफ्तार करना और सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ को वापस लेने जैसी चेतावनियां शामिल हैं। शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 6 महीनों में कम उम्र की लड़कियों की लगभग 60,000 हजार डिलीवरी हुई है।

दो जिलों में ही 16 हजार से ज्यादा मामले

पश्चिम बंगाल के दो जिलों में ही कम उम्र में डिलीवरी के 16 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा 12,847 मामले मुर्शिदाबाद में सामने आए। इसके बाद दक्षिण 24 परगना में 4,178 मामले दर्ज किए गए। साथ ही उन्होंने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के बाल विवाह और बच्चे को जन्म देने के मामलों में पश्चिम बंगाल देश में पहले स्थान पर है।

पति को देना होगा पत्नी की उम्र का सबूत

सरकार ने कहा है कि 18 साल से कम उम्र की किसी भी लड़की की गर्भावस्था और प्रसव के मामले की जानकारी दर्ज की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड का इस्तेमाल संदिग्ध बाल विवाह के मामलों की पहचान करने के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन महिलाओं की शादी नाबालिग उम्र में होने का शक होगा, उनके पतियों को नोटिस भेजा जाएगा। उनसे पत्नी की सही उम्र का वैध प्रमाण मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर उम्र का वैध सबूत नहीं दिया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस आपराधिक मामला दर्ज कर गिरफ्तारी भी करेगी।

शादी कराने वालों पर भी होगी कार्रवाई

सरकार का अभियान केवल नाबालिग की शादी कराने वाले परिवारों तक सीमित नहीं रहेगा। पति, शादी में मदद करने वाले लोग और विवाह संपन्न कराने वाले पुजारी, काजी या अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार बाल विवाह में शामिल पाए जाने वाले लोगों से कल्याणकारी और अन्य योजनाओं का लाभ भी वापस ले लेगी। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह को बढ़ावा देने, अनुमति देने या कराने वालों को दो साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

POCSO कानून भी होगा लागू

मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की के साथ शारीरिक संबंध, शादी होने के बावजूद अपराध है और ऐसे मामलों में POCSO कानून लागू होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और कुछ मामलों में मौत की सजा तक हो सकती है।

Updated on:
07 Sept 2026 08:54 pm
Published on:
07 Sept 2026 08:53 pm