अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए टिकट पाने के लिए अगले 3 महीनों में अपनी काबिलियत साबित करने को कहा है। साथ ही, उन्होंने टीएमसी पर बांग्लादेश से अवैध प्रवासन को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया है।
पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह कोलकाता पहुंचे। उन्होंने कोलकाता में भाजपा के साथ एक खास टारगेट सेट किया है।
शाह ने बुधवार को कहा कि भाजपा को चुनाव में कोलकाता और उसके आस-पास के इलाकों की 28 में से 22 सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य रखना है।
कोलकाता में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा- इस साल बंगाल में हमें जीत दर्ज करनी है, दिल पर लिख लो, इस बार हमारी सरकार।
बता दें कि कोलकाता जिले और आस-पास के शहरी इलाकों में जादवपुर, दमदम, जोरासांको और श्यामपुकुर जैसे सेंट्रल इलाके शामिल हैं।
2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा इन इलाकों में एक भी सीट पर जीत दर्ज करने में नाकाम रही थी। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में जोरासांको और श्यामपुकुर में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला।
राज्य में भाजपा की स्थिति जानने के लिए शाह सोमवार को कोलकाता पहुंचे। बुधवार को वह दिल्ली रवाना हो गए। दिल्ली जाने से पहले पश्चिम बंगाल के सभी बीजेपी विधायकों, सांसदों और पार्षदों के साथ-साथ पार्टी में प्रमुख पदों पर बैठे नेताओं के साथ बैठक की।
गृह मंत्री ने बैठक के दौरान पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी को खत्म करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को एक दूसरे से मिलाया। माना जाता है कि उनके बीच अनबन थी।
शाह ने भाजपा के पार्षद और विधायक से लेकर सांसद समेत सभी नेताओं अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में हफ्ते में कम से कम चार दिन बिताने और रोजाना कम से कम पांच बैठकें करने का निर्देश दिया।
इसके साथ शाह ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए भाजपा का टिकट पाने के लिए अगले तीन महीनों में अपनी काबिलियत साबित करनी होगी।
इसके साथ, शाह ने सत्ताधारी TMC पर भी हमला बोला। उन्होंने मंगलवार को आरोप लगाया कि ममता की तृणमूल कांग्रेस सरकार बांग्लादेश से अवैध प्रवासन को बढ़ावा देकर और उन्हें अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए पश्चिम बंगाल में बसने की इजाजत देकर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रही है।