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बंगाल चुनाव 2026: I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी चिंताजनक, ED के एक्शन पर भड़के TMC नेता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ED ने I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को गिरफ्तार कर लिया है। I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी पर पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC ने सवाल उठाए हैं।
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Updated: 14 Apr 2026, 1:34 AM IST
TMC leader Abhishek Banerjee
अभिषेक बनर्जी (Photo- IANS)

West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच ED ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल (Co-founder Vinesh Chandel) को गिरफ्तार कर लिया है। ED ने यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज एक मामले में की है। विनेश चंदेल की गिरफ्तारी पर पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC ने सवाल उठाए हैं।

विनेश चंदेल की गिरफ्तारी चिंताजनक

I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी पर TMC ने चिंता जाहिर की है। TMC के राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने विनेश चंदेल की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा-चौड़ा पोस्ट किया है। अभिषेक बनर्जी ने लिखा कि I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल की पश्चिम बंगाल चुनाव से लगभग 10 दिन पहले गिरफ्तारी केवल चिंताजनक ही नहीं है, बल्कि यह समान अवसर की भावना को भी हिला देती है।

जब पश्चिम बंगाल को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की ओर बढ़ना चाहिए, ऐसे समय में इस तरह की कार्रवाई यह संदेश देती है कि अगर आप विपक्ष के साथ काम करते हैं तो आप भी अगला निशाना बन सकते हैं। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि डराने की स्थिति है। उन्होंने आगे लिखा कि यह बात और भी ध्यान देने योग्य है कि जिन लोगों पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, वे पक्ष बदलते ही सुरक्षा में आ जाते हैं, जबकि दूसरों को राजनीतिक रूप से सुविधाजनक समय पर तेजी से निशाना बनाया जाता है। अब लोग इसे अनदेखा नहीं कर रहे हैं।

ED पर दबाव में काम करने का आरोप

अभिषेक बनर्जी ने लिखा- जब लोकतंत्र की रक्षा के लिए बने संस्थान दबाव के उपकरण जैसे महसूस होने लगते हैं तो भरोसा कमजोर होने लगता है। एक तरफ चुनाव आयोग है तो दूसरी तरफ ED, NIA, CBI जैसी एजेंसियां हैं, जो सबसे संवेदनशील समय पर सक्रिय दिखाई देती हैं। इससे भय का माहौल बनता है, निष्पक्षता का नहीं।

बनर्जी ने कहा कि भारत हमेशा अपने लोकतंत्र पर गर्व करता रहा है, लेकिन आज कई लोग यह सवाल करने लगे हैं कि क्या हम अब भी वही देश में हैं? यह सिर्फ एक गिरफ्तारी का मामला नहीं है। यह इस बात का सवाल है कि क्या हमारे संस्थान स्वतंत्र हैं और क्या हर नागरिक, चाहे उसकी राजनीतिक सोच कुछ भी हो, बिना डर के भाग ले सकता है, क्योंकि जब डर स्वतंत्रता की जगह ले लेता है तो लोकतंत्र केवल एक शब्द रह जाता है।

अभिषेक बनर्जी ने BJP और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने BJP, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा है। बनर्जी ने कहा- बंगाल को न तो डराया जा सकता है, न ही चुप कराया जा सकता है और न ही झुकाया जा सकता है। यह वो धरती है जो दबाव का जवाब प्रतिरोध से देती है और यह आपको साफ दिखाई देगा। बता दें कि ED ने 2 अप्रैल को दिल्ली में चंदेल की संपत्ति के अलावा बेंगलुरु में I-PAC के सह-संस्थापक ऋषि राज सिंह और मुंबई में आम आदमी पार्टी के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर की संपत्तियों पर भी छापा मारा था। इसके पहले कोलकाता में I-PAC के कार्यालय और निदेशकों में से एक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी हुई थी।

Updated on:
14 Apr 2026, 1:34 AM IST
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