
West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के धरने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी पलटवार करते हुए पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं।
TMC की वरिष्ठ नेता शशि पांजा और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठ गए। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम में रखे बैलेट बॉक्स और ईवीएम से जुड़ी प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। TMC ने BJP और चुनाव आयोग (ECI) पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ करार दिया है।
वहीं, माणिकतला सीट से बीजेपी उम्मीदवार तपस रॉय ने TMC के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम के सामने इस तरह का धरना देना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा स्ट्रॉन्ग रूम के सामने किसी भी तरह का धरना या नारेबाजी नहीं होनी चाहिए। यह पूरी तरह गलत है।
तपस रॉय ने कोलकाता पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और पूछा कि आखिर इस तरह के प्रदर्शन की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि BJP पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और पार्टी किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल नहीं है।
मौके पर बढ़ते तनाव को देखते हुए स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इस पूरे विवाद पर चुनाव आयोग ने भी प्रतिक्रिया दी है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार, सभी स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं और इन्हें उम्मीदवारों व उनके एजेंट्स की मौजूदगी में बंद किया गया था। आयोग ने स्पष्ट किया कि ईवीएम से किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना नहीं है और सभी प्रक्रियाएं तय नियमों के तहत ही चल रही हैं।
इसी बीच दोनों दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी नेता तपस रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी के लिए अपने प्रतिनिधि तैनात करेगी और यहां तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। उन्होंने TMC पर आरोप लगाया कि वह अपनी संभावित हार को देखते हुए अफवाहें फैला रही है।
वहीं, TMC नेता शशि पांजा ने कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बीजेपी नेताओं ने आकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पार्टी के एक अन्य नेता कुणाल घोष ने भी आरोप लगाया कि उन्हें और अन्य नेताओं को हटाया गया, जबकि बीजेपी के लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी गई, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
गौरतलब है कि बंगाल में मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर उठे इस विवाद ने चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है।