नंदीग्राम से बीजेपी नेता पबित्र कर ने पार्टी का साथ छोड़ टीएमसी का दामन थाम लिया है। आगामी विधानसभा चुनाव में इस कदम से मुकाबला और कड़ा होने की उम्मीद है।
West Bengal elections: पश्चिम बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम सीट हमेशा से हाई प्रोफाइल रही है। यहां से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम अक्सर राज्य की सियासत की दिशा तय करते हैं। इसी बीच एक अहम घटनाक्रम में बीजेपी (BJP) के नेता पबित्र कर ने पार्टी छोड़कर टीएमसी (TMC) जॉइन कर ली है। इस कदम को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है, जिससे नंदीग्राम में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
पबित्र कर पूर्व में स्थानीय पंचायत और ब्लॉक स्तर पर सक्रिय रहे हैं। टीएमसी के नेतृत्व में शामिल होने के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस घटना को और महत्वपूर्ण बना दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। यह सीट पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का विधानसभा क्षेत्र है। ऐसे में अगर पबित्र कर इस सीट से टीएमसी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ते है तो वह भाजपा को मजबूत चुनौती पेश कर सकते है।
पार्टी बदलने के पीछे पबित्र कर ने बीजेपी की नीतियों और कार्यशैली से असंतोष को मुख्य कारण बताया है। उनका कहना है कि राज्य में जनता के मुद्दों को लेकर पार्टी का रुख संतोषजनक नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि वह अब टीएमसी के साथ मिलकर जनता के हित में काम करना चाहते हैं। टीएमसी ने भी उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनकी जमीनी पकड़ पार्टी को मजबूत करेगी और नंदीग्राम में चुनावी समीकरण बदल सकती है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ साथ कोलकाता की भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ने की घोषणा की है। इससे राजनीतिक मुकाबला और तीखा हो गया है। यदि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ती हैं, तो यह मुकाबला दो बड़े नेताओं के बीच सीधा टकराव बन सकता है। वहीं नंदीग्राम में नए उम्मीदवार के उतरने से चुनाव और दिलचस्प होने की संभावना है।