
West Bengal elections: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए कई अहम फैसले लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में चुनाव आयोग ने 19 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। यह फैसला राज्य में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस कदम के तहत कई जिलों और महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में कुल 19 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है। इन अधिकारियों में दो अतिरिक्त महानिदेशक, चार पुलिस आयुक्त, 12 पुलिस अधीक्षक और एक डिप्टी कमिश्नर शामिल हैं। इस फैसले के तहत डॉ राजेश कुमार सिंह को साउथ बंगाल का नया एडीजी बनाया गया है, जबकि के जयारामन को नॉर्थ बंगाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई जिलों में नए पुलिस प्रमुखों की नियुक्ति की गई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर व्यापक बदलाव देखने को मिला है।
राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस नेतृत्व में बदलाव किया गया है। प्रनब कुमार को आसनसोल दुर्गापुर का नया कमिश्नर बनाया गया है, जबकि अखिलेश कुमार चतुर्वेदी को हावड़ा पुलिस कमिश्नरेट की जिम्मेदारी दी गई है। अमित कुमार सिंह को बैरकपुर और सुनील कुमार यादव को चंदननगर का कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई जिलों में एसपी स्तर पर भी फेरबदल हुआ है, जैसे बीरभूम, मालदा, मुर्शिदाबाद, हुगली और पूर्व मिदनापुर में नए एसपी तैनात किए गए हैं। इन बदलावों का मकसद स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है।
चुनाव आयोग के इस फैसले को चुनावी पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आयोग ने पहले भी स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही या पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में कोलकाता पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी समेत कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी उनके पदों से हटाया गया है। नए अधिकारियों की नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि आयोग किसी भी कीमत पर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना चाहता है। इससे मतदाताओं का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।