राष्ट्रीय

मंदिर-मस्जिद समेत सभी धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर पर रोक, CM शुभेंदु ने जारी किए आदेश

West Bengal New CM: पश्चिम बंगाल सरकार ने लाउडस्पीकर के उपयोग पर नई सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें हाईकोर्ट द्वारा तय ध्वनि मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है।

2 min read
May 13, 2026
सुवेंदु अधिकारी (ANI)

West Bengal Loudspeaker Rules: पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलाव के बाद राज्य सरकार ने लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर नई और सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नियमों का उद्देश्य राज्य में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और सार्वजनिक शांति व्यवस्था को बनाए रखना बताया जा रहा है।

ये भी पढ़ें

मुख्य चुनाव अधिकारी को क्यों बनाया गया बंगाल का चीफ सेक्रेटरी? नए CM शुभेंदु अधिकारी ने बताई वजह

हाईकोर्ट ने तय किए मानक

सरकारी आदेश के अनुसार पुलिस विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी धार्मिक स्थल, सार्वजनिक कार्यक्रम या सामाजिक आयोजन में लाउडस्पीकर के उपयोग के दौरान हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारीयों को दिए निगरानी के आदेश

अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि राज्यभर में लाउडस्पीकर की आवाज पर नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी स्थान पर तय डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि स्तर पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

नई गाइडलाइंस के तहत यदि किसी भी स्थान पर निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से लागू होंगे नियम

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह नियम किसी विशेष समुदाय या धर्म तक सीमित नहीं होंगे। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या किसी अन्य धार्मिक स्थल सभी जगहों पर ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के नियम समान रूप से लागू होंगे। पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम जनता को शांति का माहौल मिल सके।

क्या है उद्देश्य?

इन नई गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य राज्य में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और नागरिकों के लिए एक शांत एवं संतुलित वातावरण सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि नियमों का सख्ती से पालन ही सार्वजनिक जीवन में अनुशासन और शांति स्थापित कर सकता है।

ये भी पढ़ें

चीफ इलेक्शन अफसर को बनाया गया पश्चिम बंगाल का मुख्य सचिव, नए CM शुभेंदु अधिकरी का एक और बड़ा फैसला
Published on:
13 May 2026 11:43 am
Also Read
View All