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ममता बनर्जी को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री और TMC नेता उदयन गुहा गिरफ्तार

TMC Leader Udayan Guha Arrested: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता उदय गुहा को बुधवार को उत्तर बंगाल के कूच बिहार जिले से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

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TMC Leader Udayan Guha Arrested
टीएमसी नेता उदयन गुहा गिरफ्तार

TMC Leader Udayan Guha Arrested: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता उदयन गुहा गिरफ्तार हो गए हैं। इसकी पुष्टि करते हुए पुलिस ने कहा कि दयन गुहा को कोलकाता के फूलबागान इलाके से गिरफ्तार किया है। बता दें कि उदयन गुहा कूचबिहार और पूरे उत्तर बंगाल क्षेत्र की राजनीति का जाना पहचाना नाम है।

11 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर

उदयन गुहा को दीनहाटा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले संख्या 419/26 के संबंध में यह कार्रवाई हुई है। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने वाले लोगों से पैसे लेने के आरोप में 11 जून को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406, 409 और 420 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

आपको बता दें कि ये आरोप 2016 से चले आ रहे धोखाधड़ी और अनियमितताओं से संबंधित हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत लाभार्थियों से रिश्वत के आरोप शामिल हैं।

शुभन्दु अधिकारी ने भी लगाए थे आरोप

पिछले साल सितंबर में बंगाल विधानसभा में तत्कालीन विपक्ष के नेता शुभेन्दु अधिकारी ने राज्य पुलिस पर आरोप लगाया था। अधिकारी ने कहा था कि वह उत्तर बंगाल के विकास मंत्री उदययन गुहा को पिछले महीने कूच बिहार जिले में उनके काफिले पर हुए कथित हमले से संबंधित मामले में बचाने की कोशिश कर रही है।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला

अपने आरोप के समर्थन में अधिकारी ने सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच द्वारा पारित एक आदेश का हवाला दिया, जिसमें पुलिस महानिरीक्षक को 10 सितंबर तक हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।

पुलिस पर लगाए थे ये आरोप

शुभेन्दु अधिकारी ने एक रिट याचिका के माध्यम से हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया और इसके बजाय अपनी ही एफआईआर के आधार पर जांच शुरू कर दी, जिसमें मंत्री को आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया है।

अपराधियों को बचने नहीं दूंगा: शुभेन्दु अधिकारी

अधिकारी ने कहा कि मैं अपराधियों को इतनी आसानी से बचने नहीं दूंगा। मेरी याचिका के आधार पर न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय के समक्ष विस्तृत सुनवाई हुई, जिन्होंने उत्तर बंगाल के आईजी से पूछा कि पुलिस ने मेरी शिकायत के आधार पर एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की और इसके बजाय यह दावा किया कि उनकी स्वतः संज्ञान वाली शिकायत और मेरी शिकायत एक ही थी।

Updated on:
17 Jun 2026 03:13 pm
Published on:
17 Jun 2026 02:30 pm
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