17 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

NCPI पार्टी के नए अध्यक्ष का चयन पूरा हुआ, श्वेलि कुंडू ने कहा- शांतनु देव पार्टी के संस्थापक सदस्य नहीं हैं

TMC के 20 सांसदों के विलय की खबरों के बीच NCPI चीफ श्वेलि कुंडू ने नया अध्यक्ष चुनने का बड़ा खुलासा कर शांतनु देव को फर्जी बताया।

2 min read
Google source verification
Shweli Kundu

श्वेलि कुंडू (ANI Photo)

Party President Dispute: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां टीएमसी (TMC) के 20 सांसदों ने पार्टी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर लिया है। इसी बीच पार्टी के भीतर नेतृत्व और पहचान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शांतनु देव के दावे पर संस्थापक श्वेलि कुंडू ने खुलकर बयान दिया है, जिससे राजनीतिक हलकों में नई चर्चा तेज हो गई है।

नए अध्यक्ष पर हुआ फाइनल फैसला

एनसीपीआई पार्टी के संस्थापक और नेता श्वेलि कुंडू ने नए अध्यक्ष और शांतनु देव को लेकर दिए अपने बयान में कहा कि पार्टी के नए अध्यक्ष का चयन हो चुका है, बिल्कुल सेलेक्ट हो गया है। जो नया प्रेसिडेंट हुआ है, सभी विवरण एक, दो दिन में हम लोग प्रेस में सब कुछ बोल देंगे, वो ही आगे सब कुछ बताएंगे आपको। उन्होंने शांतनु देव पर निशाना साधते हुए कहा कि शांतनु देव पार्टी के संस्थापक सदस्य नहीं हैं। संत्रुनुदे हमारा पार्टी का मेंबर नहीं है, वो खुदको फाउंडर मेंबर बोल रहा है, वो भी बिलकुल गलत है, इसमें उसके पास कोई भी प्रूफ या मेंबरशीफ का रिसिफ्ट नहीं है।

कोई प्रूप नहीं है उसके पास- श्वेलि कुंडू

उन्होंने आगे कहा कि साल 2023 के बाद उन्होंने मेंबरशीफ होई नहीं है, हम लोगों ने उसको स्रेब तीपुरा एलेक्शन के टाइम पे उसको एक अफराइस किया था, उसके बाद उन्होंने पार्टी के साथ कोई भी सांपर्क में नहीं था। मैंने सुना था कि वो दिल्ली की कोई दूसरा पार्टी के साथ जुड़ गये थे, तो अचानक से ये मेडिया पे आने के बाद वो खुद को सेकेटारी ये सब दबा कर रहे है, ये बिल्कुल गलत है और इसका कोई भी प्रूप उसके पास नहीं है।

20 सांसदों ने चुना NCPI को

नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) अब तक मुख्य रूप से त्रिपुरा और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों तक सीमित एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल के तौर पर जानी जाती रही है। लेकिन टीएमसी के 20 सांसदों के पार्टी में शामिल होने के बाद NCPI का नाम राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। TMC में जारी राजनीतिक खींचतान के बीच सांसदों के एक बड़े समूह ने NCPI का साथ चुना है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इतने बड़े समूह के जुड़ने से पार्टी की राजनीतिक ताकत और पहचान दोनों में बढ़ोतरी हो सकती है।

कई चर्चित चेहरे बने नए समीकरण का हिस्सा

बागी सांसदों के समूह में काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय और यूसुफ पठान जैसे प्रमुख नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इन नेताओं की पहचान लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में रही है। ऐसे में उनके NCPI से जुड़ने को पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। संसद के भीतर भी इस समूह की गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हाल के दिनों में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात और मीडिया के सामने लगातार पक्ष रखने के कारण काकोली घोष दस्तीदार इस पूरे घटनाक्रम का प्रमुख चेहरा बनकर उभरी हैं।