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West Bengal OBC Case: बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका, 77 जातियां OBC सूची से बाहर

West Bengal OBC Case: पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली है। यह मामला 77 जातियों के OBC दर्जे से जुड़ा है। इनमें 75 मुस्लिम समुदाय शामिल हैं।
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Jul 14, 2026
West Bengal OBC Reservation
बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से OBC आरक्षण याचिका ली वापस, photo- patrika

West Bengal OBC Case: पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली है। यह याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें 77 जातियों को राज्य की ओबीसी सूची से बाहर कर दिया गया था। इनमें 75 मुस्लिम समुदाय शामिल थे। राज्य सरकार के अपील वापस लेने के बाद अब उसकी ओर से हाईकोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती समाप्त हो गई है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। अदालत को बताया गया कि पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने अपील वापस लेने का फैसला किया है। मई 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद यह निर्णय लिया गया। इससे पहले तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अन्य प्रभावित पक्षों का कानूनी अधिकार बरकरार रहेगा। यदि कोई पक्ष चाहे तो वह कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देना जारी रख सकता है।

पूर्व सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में की थी अपील

कलकत्ता हाई कोर्ट ने मई 2024 में 75 मुस्लिम समुदायों को शामिल करते हुए 77 जातियों को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने के फैसले को रद्द कर दिया था। पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसे नई भाजपा सरकार ने वापस ले लिया है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना कि इन समुदायों को शामिल करने से पहले उचित सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन का सर्वेक्षण नहीं किया गया था और धार्मिक आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक है। इस फैसले का पालन करते हुए बंगाल विधानसभा ने ओबीसी आरक्षण व्यवस्था में संशोधन किया है। अब 2010 के बाद जोड़े गए 77 समुदायों को सूची से हटा दिया गया है।
वहीं अब केवल 66 जातियां ओबीसी सूची में मान्य हैं जिन्हें 2010 से पहले के सर्वेक्षणों के आधार पर शामिल किया गया था।

राज्य ओबीसी आयोग ने भी अपील ली वापस

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि राज्य कैबिनेट ने अपील वापस लेने का फैसला किया है। राज्य सरकार के साथ-साथ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी वकील कुणाल चटर्जी के जरिए अपनी अलग अपील वापस ले ली। सुप्रीम कोर्ट ने अपील वापस लेने की इजाजत दे दी, साथ ही यह भी साफ किया कि कोई भी दूसरा पक्ष, जिसे इस फैसले से शिकायत हो, अपनी अपील आगे बढ़ा सकता है।