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21 जुलाई को होगी एनडीए संसदीय दल की बैठक, सांसदों को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM MODI: 21 जुलाई को सुबह 9:30 बजे संसद भवन में एनडीए संसदीय दल की बैठक होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक में एनडीए सांसदों को संबोधित करेंगे। संसद के मानसून सत्र के बीच आयोजित इस बैठक को सरकार की संसदीय रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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भारत

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Anurag Animesh

Jul 15, 2026

pm modi news

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(फोटो-ANI)

NDA Parliamentary Party Meeting: संसद के मानसून सत्र के बीच 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बैठक सुबह 9:30 बजे संसद भवन में आयोजित होगी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए के सभी सांसदों को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि संसद सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, प्रमुख विधायी कार्यों और विभिन्न मुद्दों पर सांसदों के साथ चर्चा की जा सकती है। हालांकि, बैठक के एजेंडे की आधिकारिक जानकारी फिलहाल शेयर नहीं की गई है। एनडीए संसदीय दल की यह बैठक संसद सत्र के दौरान राजनीतिक और संसदीय दृष्टि से अहम मानी जा रही है।

20 जुलाई से शुरू हो रहा मानसून सत्र


संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस बार का सत्र कई अहम राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच आयोजित हो रहा है। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद सियासी माहौल पहले से ही गर्म है। ऐसे में तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) में हुई बगावत और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर संसद के भीतर तीखी बहस और विपक्ष के हंगामे की संभावना जताई जा रही है।

19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक


सत्र शुरू होने से एक दिन पहले, यानी 19 जुलाई को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 11 बजे होगी, जिसमें सरकार संसद सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों और अपने विधायी कार्यक्रम की जानकारी सभी राजनीतिक दलों के साथ शेयर करेगी।

वहीं, विपक्षी दल भी इस बैठक में उन मुद्दों को सामने रखेंगे जिन्हें वे मानसून सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाना चाहते हैं। संसदीय परंपरा के तहत हर सत्र से पहले आयोजित होने वाली यह बैठक सरकार और विपक्ष के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच मानी जाती है। इसका उद्देश्य सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहमति बनाना और संभावित गतिरोध को पहले ही कम करने का प्रयास करना होता है।

मानसून सत्र के गर्म रहने के आसार


संसद का यह मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी गर्म रहने के आसार हैं। हाल के दिनों में कई विपक्षी दलों के भीतर हुए घटनाक्रमों का असर सदन की कार्यवाही पर भी देखने को मिल सकता है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी संकट गहरा गया है। पार्टी के 20 सांसदों ने अलग होकर 'नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई)' में विलय का ऐलान पहले ही कर चुके हैं। इन सांसदों ने लोकसभा में अलग बैठने की मांग की है और केंद्र की बीजेपी सरकार को समर्थन देने की बात भी कही है।