पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले में मतदाता पुनरीक्षण (SIR) का फॉर्म न मिलने के डर से एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली और अपनी छह साल की बेटी को भी ज़हर दे दिया, जिसकी हालत गंभीर है।
पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले से एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। यहां एक महिला ने कथित तौर पर राज्य में चल रहे मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के डर से जहर खा कर अपनी जान दे दी है। आत्महत्या करने से पहले महिला ने अपनी छह साल की बेटी को भी जहर दे दिया। बच्ची की हालत अभी गंभीर है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, SIR के दौरान इस महिला को जनगणना फॉर्म नहीं मिला था जिसके बाद उसने यह खतरनाक कदम उठाया।
महिला की पहचान आशा सोरेन के रूप में हुई है और वह ज़िले के धनियाखाली इलाक़े की रहने वाली थी। जानकारी के अनुसार, जहर खाने से कुछ दिन पहले आशा ने अपनी बेटी को जहर दिया था, जिसके बाद से वह अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टरों के अनुसार बेटी की हालत में पहले से सुधार है और उसके जल्द खतरे से बाहर आने की उम्मीद है। बेटी को जहर देने के कुछ दिन बाद आशा ने खुद जहर खा कर अपनी जान दे दी।
आशा के परिवार के अनुसार, जब हाल ही वोटर लिस्ट संशोधन के लिए उनके घर बूथ लेवल ऑफिसर ( BLO) आए थे। इस दौरान वह आशा को आवश्यक गणना फॉर्म नहीं देकर गए जिसके बाद आशा घबरा गई। ऐसा इसलिए क्योंकि उसके परिवार के बाकि सभी सदस्यों को फॉर्म मिल गया था लेकिन उसे नहीं मिला जिससे डर के उसने यह खतरनाक कदम उठाया।
आशा की शादी आठ साल पहले हुगली ज़िले के हरिपाल में हुई थी, लेकिन पति से अनबन के चलते वह पिछले छह सालों से वह अपने मायके में ही रहती थी। परिवार के मुताबिक, आशा का अपने ससुराल वालों से कोई संपर्क नहीं था। ऐसे में जब मायके में सबका आवश्यक गणना फॉर्म आ गया और उसे फॉर्म नहीं मिला तो वह अपने ससुराल वालों से मदद नहीं मांग पाई। इस निराशा और हताशा में, उन्होंने खुदकुशी करने की कोशिश की और अपनी बेटी को भी ज़हर दे दिया।
इस घटना के बाद, धनियाखाली तृणमूल कांग्रेस की विधायक आशिमा पात्रा ने परिवार से मुलाकात की और पार्टी के महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को इस मामले की जानकारी दी। टीएमसी के अनुसार, SIR के डर से अब तक राज्य में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, इसमें से 5 लोगों ने SIR के डर से आत्महत्या की है।