राष्ट्रीय

US actions on Venezuela: वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई से भारत पर क्या होगा असर, क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?

US actions on Venezuela: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी डेल्टा फोर्सेज ने वेनेजुएलाई राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर लिया है। अमेरिकी कार्रवाई से भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा, जानिए...

2 min read
Jan 04, 2026
निकोलस मादुरो , वेनेजुएला राष्ट्रपति (फोटो-IANS)

US actions on Venezuela: वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद दुनिया भर में चिंता का माहौल है। भारत सरकार ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए वेनेजुएला की गैर जरूरी यात्रा से परहेज करने को कहा है। वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद बाजार में भी चिंता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटनाक्रम का भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं होगा।

ये भी पढ़ें

US attack Venezuela: ट्रंप ने कहा- ‘दुनिया ने नहीं देखा सेकेंड वर्ल्ड वार के बाद ऐसा हमला’, अमेरिका के कब्जे में मादुरो

दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.175 बिलियन अमेरिकी डॉलर

काराकास स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.175 बिलियन डॉलर था। भारत द्वारा वेनेजुएला को निर्यात की जाने वाली मुख्य वस्तुएं खनिज ईंधन और कच्चे तेल से बने उत्पाद, बिटुमिनस पदार्थ, फार्मा उत्पाद, कपास, परमाणु रिएक्टर, बॉयलर, मशीनरी, विद्युत मशीनरी और उपकरण, परिधान एवं वस्त्र विविध रासायनिक उत्पाद और अन्य उत्पाद शामिल हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, द्विपक्षीय व्यापार बहुत कम है। भारत, वेनेजुएला से मुख्यतः कच्चे तेल का आयात करता है।

भारतीय दूतावास की रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल के अलावा भारत, वेनेजुएला से मोम, लोहा और इस्पात, एल्युमीनियम, खाद्य वस्तुओं, तांबा और उससे बने उत्पाद, सीसा और उससे बने उत्पाद, जस्ता और उससे बने उत्पाद, लकड़ी और लकड़ी से बने उत्पाद आदि का आयात करता है।

ONGC का 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश

वहीं, ONGC और कॉर्पोरेशियन वेनेजोलाना डेल पेट्रोलेओ ने सैन क्रिस्टोबल क्षेत्र में तेल उत्पादन और अन्वेषण के लिए पेट्रोलेराइंडोवेनेजोलाना एसए नाम का एक संयुक्त उद्यम बनाया है। इसमें ONGC की हिस्सेदारी 40 फीसदी है, जबकि पीडीवीएसए की हिस्सेदारी 60 फीसदी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय कंपनी ने वेनेजुएला में करीब 200 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश भी किया है।

अप्रैल 2008 में, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल), स्पेन की रेपसोल और मलेशिया की पेट्रोनास सहित एक अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम को वेनेजुएला के ओरिनोको बेल्ट में स्थित काराबोबो में एक मल्टी-मिलियन डॉलर की तेल परियोजना विकसित करने के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय बोली प्रक्रिया का विजेता घोषित किया गया था।

Published on:
04 Jan 2026 08:56 am
Also Read
View All

अगली खबर