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कौन हैं देश के नए CDS जनरल सुब्रमणि और नौसेना प्रमुख एडमिरल स्वामीनाथन?

CDS and Navy Chief: देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस सुब्रमणि और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने पदभार संभाल लिया है।

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Jun 01, 2026
चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल एनएस राणा सुब्रमणि। (Photo- IANS)

Indian defence News: रविवार को नई दिल्ली में देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल एनएस राणा सुब्रमणि और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने पदभार ग्रहण कर लिया। जनरल सुब्रमणि सीडीएस बनने से पहले सेना में 40 वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि उनके नेतृृत्व में सशस्त्र बलों का लक्ष्य ‘जय’ अर्थात जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और नवाचार रहेगा। वहीं नौसेना की कमान संभालने एडमिरल स्वामीनाथन कम्यूनिकेशन और इलेक्ट्रानिक वॉरफेयर के विशेषज्ञ माने जाते हैं।

उग्रवाद-रोधी अभियान की कमान संभाली

जनरल राजा सुब्रमणि ने असम में उग्रवाद-रोधी अभियान ऑपरेशन राइनो के दौरान 16 गढ़वाल राइफल्स की कमान संभाली। जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और 17 माउंटेन डिवीजन की कमान भी संभाल चुके हैं।वह मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे। उसके बाद जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक वह थलसेना के उपप्रमुख भी रहे। विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई सैन्य पदकों से सम्मानित किया गया।

सीमाओं की गहरी समझ

जनरल सुब्रमणि 14 दिसंबर 1985 को गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन हुए थे। वह ज्वाइंट सर्विसेज कमांड स्टॉफ कॉलेज ब्रैक्नेल(यूके) और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। किंग्ज कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स करने के साथ उन्होंने मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज से एमफिल भी किया है। उन्हें देश की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर ऑपरेशनल स्थितियों की गहरी जानकारी है।

आईएनएस विक्रमादित्य की संभाली कमान

वहीं नेवी चीफ बने एडमिरल स्वामीनाथ ने नौसेना के आईएनएस विद्युत, विनाश, मिसाइल कॉर्वेट आइएनएस कुलिश, विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य की कमान संभाल चुके हैंं। नौसेना की वेस्टर्न फ्लीट का भी वह नेतृत्व कर चुके हैं। जेएनयू से बीएससी, कोचिन यूनिवर्सिटी से एमएमसी, लंदन से डिफेंस स्टडीज में एमए करने के साथ वह एमफिल और पीएचडी भी कर चुके हैं। नौसेना प्रमुख बनने से पहले वह नेवी हेडक्वार्टर में वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ थे।

दोनों वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में संयुक्तता, आधुनिक युद्ध क्षमता और तकनीकी नवाचार को मजबूत करने पर जोर रहने की संभावना है। साथ ही थिएटर कमांड ढांचे को आगे बढ़ाने और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने की दिशा में तेज कदम उठाए जा सकते हैं।

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Published on:
01 Jun 2026 03:01 am
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