Crypto Fraud Case: एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसके साथ एक क्रिप्टो स्कैम में 71 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है, जिसके बाद सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल को पुलिस ने…
CoinDCX Co-Founders Arrested: क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के को-फाउंडर्स, सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल को मुंबई के एक पुलिस स्टेशन में कथित क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड केस के सिलसिले में FIR दर्ज होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
शिकायत के मुताबिक, एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसके साथ एक क्रिप्टो स्कैम में 71 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पहले आई रिपोर्टों में बताया गया था कि गिरफ्तारी से पहले दोनों फाउंडर्स को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, CoinDCX ने किसी भी गलत काम से साफ इनकार किया और FIR को झूठा और कंपनी के खिलाफ एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।
X पर पोस्ट किए गए एक बयान में, कंपनी ने कहा कि कथित धोखाधड़ी में उसके आधिकारिक प्लेटफॉर्म का कोई हाथ नहीं था, बल्कि यह CoinDCX और उसके फाउंडर्स की नकल करने वाली एक नकली वेबसाइट के जरिए हुई थी।
कंपनी ने कहा, "हमारे को-फाउंडर्स के खिलाफ दर्ज FIR झूठी है और CoinDCX के फाउंडर्स होने का ढोंग करके आम लोगों को ठगने वाले जालसाजों द्वारा CoinDCX के खिलाफ रची गई एक साजिश का हिस्सा है।"
कंपनी ने आगे कहा कि उसने पहले ही सार्वजनिक नोटिस जारी करके यूजर्स को ऐसी धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के बारे में चेतावनी दी थी। कंपनी ने आगे स्पष्ट किया कि शिकायत में गलत दावा किया गया है कि पैसे नकद में तीसरे पक्ष के खातों में ट्रांसफर किए गए थे, जिनका CoinDCX से कोई लेना-देना नहीं है।
कंपनी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ब्रांड की नकल और साइबर धोखाधड़ी भारत के डिजिटल वित्त इकोसिस्टम में एक बढ़ती चिंता बनती जा रही है।
CoinDCX ने कहा कि उसने अप्रैल 2024 और जनवरी 2026 के बीच अपने प्लेटफॉर्म की नकल करने वाली 1,200 से ज़्यादा नकली वेबसाइटों की पहचान की है और यूजर्स को ऐसे घोटालों का शिकार न बनने के लिए बार-बार आगाह किया है।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह चल रही जांच में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रही है।
2018 में स्थापित, CoinDCX भारत के अग्रणी क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में से एक है। कंपनी को हाल के दिनों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें 2025 में हुआ एक बड़ा साइबर हमला भी शामिल है, जिसमें हैकर्स ने एक आंतरिक परिचालन खाते में सेंध लगाई और 44 मिलियन डॉलर की संपत्ति चुरा ली। हालांकि, कंपनी ने तब कहा था कि यूजर्स के पैसे पर कोई असर नहीं पड़ा है और इस घटना के बाद उसने अपने सुरक्षा सिस्टम को और मजबूत किया है।