
नई दिल्ली। अमरीका ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके एक सहयोगी के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस आरोप से साबित होता है कि अलगाववादी की हत्या भारत सरकार की नहीं बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट की कारस्तानी थी। 33 वर्षीय लॉरेंस बिश्नोई गैंग का प्रमुख है। उसे भारत और विदेशों में कई चर्चित अपराधों के लिए जाना जाता है। फिलहाल वो जेल में बंद है। ऐसे में जानते हैं कि लॉरेंस बिश्नोई ने कैसे अपराध की दुनिया में अपना कदम रखा।
लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 22 फरवरी 1992 को पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर क्षेत्र में एक पुलिस कॉन्स्टेबल के परिवार में हुआ था। शुरुआती जीवन सामान्य रहा, लेकिन 19 साल की उम्र में वह पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ पहुंचा। यहीं से उसने छात्र राजनीति में कदम रखा और कुछ ही समय में उसका नाम विवादों में आने लगा। कॉलेज के दौरान छात्र राजनीति से जुड़े विवादों के बीच वह पुलिस की नजरों में आने लगा। इसी दौरान उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का पहला मामला दर्ज हुआ।
शुरुआत में चंडीगढ़ और मोहाली में दर्ज मामले छात्र राजनीति से जुड़े थे, लेकिन बाद में यही रास्ता उसे अपराध की दुनिया तक ले गया। लॉरेंस बिश्नोई पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या और जबरन वसूली शामिल हैं। उत्तर भारत खास तौर पर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई का खौफ चरम पर है। साल 2013 तक बिश्नोई संगठित अपराध की दुनिया में किंग बन चुका था। लॉरेंस लंबे समय से जेल में बंद है। इसके बावजूद उसकी गैंग अभी भी सक्रिय और कई वारदातों को अंजाम देकर उसकी जिम्मेदारी भी लेती है।
मुंबई में साल 2024 के दौरान बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जांच के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड और पंजाब के गायक गिप्पी ग्रेवाल के घर पर फायरिंग मामलों में भी लॉरेंस गैंग सुर्खियों में रही थी। खासतौर से अभिनेता सलमान खान को कई बार जान से मारने की धमकी देने के मामलों में बिश्नोई गैंग का नाम जुड़ा था। बता दें कि सांसद पप्पू यादव ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को 'दो टके का अपराधी' कहा था। इसके बाद उन्हें बिश्नोई गिरोह से जान से मारने की कई धमकियां भी मिलीं थीं। इतना ही नहीं जयपुर समेत राजस्थान के कई शहरों में कारोबारियों को धमकी और रंगदारी मांगने के मामलों में लॉरेंस बिश्नोई और उसके गैंग का नाम सामने आया था। जांच एजेंसियों के अनुसार गैंग के कई सदस्य कनाडा, अमरीका और अन्य देशों से नेटवर्क संचालित करते रहे हैं। गोल्डी बराड़ को गैंग का प्रमुख विदेशी संचालक माना जाता है।
इससे पहले अमरीका ने एक आरोप-पत्र सार्वजनिक किया है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। आरोपों के अनुसार बिश्नोई ने भारत की जेल में रहकर हत्याकांड को लेकर निर्देश दिया, जबकि बराड़ ने उत्तरी अमरीका में इसकी गतिविधियों की निगरानी की।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस आरोप-पत्र में निज्जर की हत्या में भारत सरकार की किसी भूमिका का उल्लेख नहीं किया गया है। बता दें कि 18 जून 2023 को वैंकूवर के पास 'सरे' शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ये हत्या कनाडा-भारत संबंधों में तनाव का बड़ा कारण बन गई थी। इस बीच एफबीआई ने सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को वांटेड घोषित करते हुए उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना पर 50,000 अमरीकी डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है।