तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने लोकसभा में अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे होने के दौरान कांग्रेस सांसद द्वारा उन्हें ‘यार’ कहने पर कड़ी आपत्ति जताई। यह घटना 3 फरवरी 2026 को बजट सत्र के दौरान हुई, जब राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने की अप्रकाशित किताब का […]
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने लोकसभा में अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे होने के दौरान कांग्रेस सांसद द्वारा उन्हें 'यार' कहने पर कड़ी आपत्ति जताई। यह घटना 3 फरवरी 2026 को बजट सत्र के दौरान हुई, जब राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने की अप्रकाशित किताब का हवाला देकर सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाने की कोशिश की। सदन में हंगामा मचा, कागज फाड़कर कुर्सी की ओर फेंके गए और आठ कांग्रेस सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
कृष्णा प्रसाद टेनेटी बाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब मैं कुर्सी पर था, विपक्ष के किसी सदस्य ने चेयर को 'यार' कहा, जो किसी भी सदन में आपत्तिजनक है। मैंने आपत्ति जताई, तो जवाब मिला 'यार कहने में क्या बुराई है?' इसके बाद कुछ सदस्य टेबल पर आए, कागज फाड़कर फेंकने लगे। यह सदन में अपेक्षित व्यवहार नहीं है। उन्होंने इसे कुर्सी की गरिमा को कम करने वाला बताया। घटना के दौरान कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए टीडीपी सांसद ने कहा कि यह लोकसभा है, यार नहीं कह सकते।
65 वर्षीय तेनेटी 1986 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं, जो अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से हैं। वे तेलंगाना के डीजीपी रह चुके हैं, तेलंगाना रोड सेफ्टी अथॉरिटी के चेयरपर्सन और रेलवे-रोड सेफ्टी के एडिशनल डायरेक्टर जनरल रहे। एनआईटी वारंगल से इंजीनियरिंग और उस्मानिया यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री है। वर्तमान में सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी पर पीएचडी कर रहे हैं। कोविड-19 के दौरान अपनी एनजीओ कृष्ण प्रसाद फाउंडेशन के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर आदि दान किए। 2025 में विकाराबाद जिले के येर्रावल्ली गांव को गोद लिया और लड़कियों को साइकिल बांटी।
2024 लोकसभा चुनाव में वे पहली बार बापटला से TDP उम्मीदवार बने और YSRCP के नंदिगाम सुरेश बाबू को 2.08 लाख वोटों से हराया। जुलाई 2023 में भाजपा जॉइन करने के बाद TDP टिकट पर लड़े। वे लोकसभा पैनल ऑफ चेयरपर्सन्स में हैं और बापटला में जल जीवन मिशन, इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन (610 करोड़ रिफंड) जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं। TDP सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू के समर्थक माने जाते हैं।