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Plane Crash Video: जिस विमान में सवार थे अजित पवार, उसे कौन चला रहा था? आ गई पूरी डिटेल

Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती में विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया। उनका प्लेन कैप्टन शांभवी पाठक उड़ा रही थीं, जिनकी शुरुआती पढ़ाई भारत में ही हुई थी।
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Jan 28, 2026
ajit pawar plane crash
शांभवी पाठक के हाथों में थी 'अजीत पवार' के विमान की कमान (Photo-X)

Captain Shambhavi Pathak: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का आज सुबह मुंबई से बारामती जाते समय एक विमान हादसे में निधन हो गया। इस दुर्घटना में पायलट और पवार के सुरक्षाकर्मियों समेत चार अन्य लोगों की भी जान चली गई। इस प्लेन को कैप्टन शांभवी पाठक उड़ा रही थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कैप्टन शांभवी पाठक की शुरुआती पढ़ाई भारत में ही हुई थी। उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स और एविएशन साइंस में बीएससी की पढ़ाई पूरी की और पढ़ाई पूरी करने के बाद शांभवी पाठक पायलट बनने के लिए न्यूजीलैंड चली गई थी।

लैंडिंग के दौरान विमान हुआ हादसे का शिकार

अजीत पवार का विमान मुंबई से करीब 8 बजे उड़ा था और कुछ देर बाद ही बारामती हवाई अड्डे के पास लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। खबरों के अनुसार, अजीत पवार को अगले महीने होने वाले निकाय चुनावों से पहले कुछ अहम रैलियों में शामिल होना था।

न्यूजीलैंड से मिला पायलट लाइसेंस

शांभवी पाठक ने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से कमर्शियल पायलट बनने की ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने 2018 से 2019 के बीच पायलट बनने की ट्रेनिंग ली और प्रोफेशनल फ्लाइंग की बारीकियां सीखीं। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी का कमर्शियल पायलट लाइसेंस भी मिला था।

ट्रेंनिंग देने के योग्य थीं शांभवी

अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शांभवी भारत आई और उन्होंने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया। इसके अलावा शांभवी के पास फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग भी थी और वह उड़ान की ट्रेनिंग देने के योग्य थीं। साथ ही, शांभवी ने एविएशन सिक्योरिटी यानी AVSEC की ट्रेनिंग स्पाइसजेट से ली थी। उन्होंने ए320 जेट से जुड़ी ओरिएंटेशन ट्रेनिंग भी पूरी की थी।

शांभवी पाठक की सैलरी

शांभवी पाठक वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी हुई थीं और वहां वह अगस्त 2022 से फुल-टाइम फर्स्ट ऑफिसर के रूप में काम करती थीं। वहां वह लियरजेट-45 जैसे हाई-परफॉर्मेंस बिजनेस जेट को उड़ाती थीं। लियरजेट-45 जेट कुछ चुनिंदा हवाई यात्रा के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें वीआईपी, उद्योगपति और कुछ खास लोग यात्रा करते हैं।

हालांकि, एविएशन सेक्टर में बिजनेस जेट के फर्स्ट ऑफिसर की सैलरी पायलट के अनुभवों और कंपनी पर निर्भर करती है, लेकिन सामान्य तौर पर Learjet जैसे जेट के फर्स्ट ऑफिसर को हर महीने करीब 3 से 4 लाख रुपये तक सैलरी मिलती है।

Updated on:
28 Jan 2026 02:55 pm
Published on:
28 Jan 2026 02:55 pm
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