
फोटो में पीएम मोदी और सर्कल में ममता बनर्जी (इमेज सोर्स: ANI)
पीएम मोदी ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ट्वीट किया है। पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की रैली का वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल बीजेपी का समर्थन कर रही है। उन्होंने वीडियो पोस्ट के जरिए ये बात कही है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। पोलिंग बूथों पर पर्याप्त इंतजाम रहेंगे। साथ ही सुरक्षा की सख्त व्यवस्था रहेगी।
चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 6.44 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 3.28 करोड़, महिला मतदाता 3.16 करोड़ और थर्ड जेंडर 1152 मतदाता हैं। अगर फर्स्ट टाइम वोटर (18-19 साल) की बात करें तो उनकी संख्या 5.23 लाख है। 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग के वोटरों की संख्या 1.31 करोड़ है। 85 साल से अधिक उम्र वाले मतदाता 3.79 लाख हैं। दिव्यांग वोटरों की संख्या 4.16 लाख है। ईवीएम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
साल 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 8 चरणों में हुआ था। यह चुनाव काफी लंबा चला था, क्योंकि राज्य में 294 सीटें हैं और सुरक्षा, लॉ एंड ऑर्डर, और बड़े मतदाता आधार को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने इसे 8 फेज में कराया था। पिछले चुनाव में भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शानदार जीत दर्ज की थी। बंगाल की कुल 294 सीटों में से 215 पर टीएमसी का कब्जा है। पार्टी को लगभग 48 प्रतिशत वोट मिले थे।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख विपक्षी दल बनकर उभरी और उसे 77 सीटें मिली थीं। दशकों से बंगाल की राजनीति पर दबदबा बनाए रखने वाले वाम मोर्चा और कांग्रेस को ऐतिहासिक झटका लगा और वे एक भी सीट जीतने में असफल रहे। गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा (आईएसएफ) को एक सीट मिली।
पश्चिम बंगाल की कुल आबादी में मुसलमानों की संख्या लगभग 30 प्रतिशत है। राज्य विधानसभा में 294 सीटें हैं और लगभग 40 से 50 निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण 24 परगना और बीरभूम जैसे जिलों में मुस्लिम आबादी सबसे अधिक है। इनमें से कई निर्वाचन क्षेत्रों में, मतदाताओं में से 50 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम हैं, जिससे चुनावी परिणामों को निर्धारित करने में उनका वोट एक महत्वपूर्ण कारक बन जाता है।
Updated on:
15 Mar 2026, 4:53 PM IST
Published on:
15 Mar 2026, 4:34 PM IST
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