
केंद्र की मोदी सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक लोकसभा का विशेश सत्र बुलाया था। इस सत्र के दौरान सरकार ने कई बड़े फैसले लिए जिनमें कछ के बारे में लोगों को पता चला तो कुछ फैसले कम लोगों तक ही पहुंचा। हालांकि विशेष सत्र एक दिन पहले ही समापन कर दिया गया है। गुरुवार को देर रात तक चली कार्यवाही के बाद दोनों सदनों-लोकसभा एवं राज्य सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। आइए अब सिलसिलेवार तरीके से जानते है कि सरकार के बुलाए संसद के विशेष सत्र में क्या-क्या हुआ?
18 सितंबर को दी गई पुराने संसद भवन को विदाई
संसद सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी समेत बड़े नेताओं ने देश के विकास में योगदान देने के लिए संसद के पुराने भवन को धन्यावाद दिया। इसके साथ ही PM नरेंद्र मोदी ने संसद के 75 साल के कार्यकाल के बारे में जिक्र किया और भवन को विदाई दी।
19 सितंबर कोे नए संसद में कार्यवाही शुरू
संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में सभी सांसद इकट्ठा हुए, जिसमें एक साथ फोटो सेंशन हुआ. यहां खास बात यह रही की इस दौरान पीएम मोदी द्वारा सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अभिवादन स्वीकार करने की तस्वीर खूब वायरल हुई। इसके अलावा गणेश चतुर्थी के दिन ही पुराने संसद भवन से कामकाज को नई संसद भवन में शिफ्ट किया और दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हुई। कुल मिलाकर विशेष सत्र के दो दिन संसद के स्थानांतरण में लग गए।
लोकसभा में पेश हुआ महिला आरक्षण बिल
संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन केंद्र सरकार ने करीब 3 दशक से लटके बुहप्रतिक्षित महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश किया, जो 454 वोटों के साथ पास हो गया। इस बिल के विरोध में सिर्फ दो वोट पड़े जो AIMIM सांसदों के थे। बता दें सरकार ने इस बिल को लाकर लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले आधी आबादी को अपने पक्ष में करने की कोशिश की।
राज्यसभा से पास हुआ बिल
लोकसभा से महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद केंद्र सरकार ने गुरूवार को राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पेश किया। जहां देर रात तक संसद चली और सर्वसम्मति से 215 वोटों के साथ बिल पारित हो गया। अब यह बिल राष्ट्रपति के पास जाएगा और उनकी मुहर के बाद कानून बन जाएगा।
हालांकि इस दौरान संसद में कई दलों ने बिल में सुधार करने की बात कहीं। लेकिन अंत में वोटिंग के समय उन दलों ने भी सरकार का समर्थन किया और बिल पास हो गया। इसके साथ ही सरकार ने संसद के विशेष सत्र जो कि 5 दिनों के लिए बुलाई गई थी उसे 4 दिनों में खत्म कर दिया गया।