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महिला आरक्षण संशोधन पर सियासी घमासान, संसद में ड्राफ्ट बिना चर्चा नहीं ‘शशि थरूर’

महिला आरक्षण संशोधन पर राजनीति तेज, शशि थरूर ने ड्राफ्ट बिना चर्चा से इनकार किया। 816 सीटों का प्रस्ताव, OBC पर सवाल, परिसीमन बिल पर कांग्रेस 10 अप्रैल को बैठक करेगी।

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Apr 09, 2026
कांग्रेस नेता शशि थरूर (सोर्स: ANI)

Nari Shakti Vandana Act: देश में महिला आरक्षण विधेयक के संशोधन पर राजनीति तेज हो गई है। शशि थरूर ने कहा कि बिना ड्राफ्ट देखे संसद में किसी भी विधेयक पर सार्थक चर्चा संभव नहीं है। सरकार के प्रस्तावों के अनुसार, लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर करीब 816 हो सकती हैं, जिनमें एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जबकि OBC आरक्षण पर सवाल बने हुए हैं। साथ ही, परिसीमन विधेयक को संवैधानिक संशोधन के रूप में लाने की तैयारी है, जिससे संघीय ढांचे पर असर की आशंका जताई जा रही है। इस मुद्दे पर रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस 10 अप्रैल को अहम बैठक करेगी।

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संसद में ड्राफ्ट बिना चर्चा नहीं

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने स्पष्ट कहा कि बिना ड्राफ्ट देखे इस विधेयक पर कोई ठोस चर्चा संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “हमें यह समझना होगा कि सरकार क्या प्रस्ताव ला रही है और इसका संसद की कार्यप्रणाली पर क्या प्रभाव पड़ेगा।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि लोकसभा की सीटें बढ़कर 800 से अधिक हो जाती हैं, तो क्या सभी सांसदों को बोलने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। इसके अलावा संघीय ढांचे पर भी संभावित असर को लेकर उन्होंने चिंता जताई।

एक तिहाई सीटें महिलाओं के नाम

सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधनों में नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को जनगणना और परिसीमन से अलग करने की बात सामने आई है। यदि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण होता है, तो लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़कर लगभग 816 हो सकती हैं। इसमें करीब एक तिहाई यानी लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। हालांकि अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षण जारी रहेगा, लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई अलग प्रावधान नहीं होने से बहस और तेज हो सकती है।

10 अप्रैल को कांग्रेस बैठक

सरकार एक अलग परिसीमन विधेयक भी लाने की तैयारी में है, जिसे संवैधानिक संशोधन के रूप में पारित करना होगा। इस प्रक्रिया में राज्यों की भूमिका सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे संघीय संतुलन पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए कांग्रेस 10 अप्रैल को अपनी कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुला रही है। यह बैठक आगामी रणनीति तय करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दूसरी ओर, थरूर ने केरल विधानसभा चुनाव में भी मतदान किया और कहा कि राज्य में मुकाबला मुख्य रूप से एलडीएफ और यूडीएफ के बीच है।

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Published on:
09 Apr 2026 03:36 pm
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